शहर के नरवाना रोड पर पॉल्ट्री व्यवसायी सतप्रकाश से हुई 30 लाख की लूट में शक की सूई व्यवसायी के किसी नजदीकी पर आकर टिक गई है। पूरी वारदात को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे पुलिस भी इसे मुख्य बिंदू मानते हुए घटना की जांच कर रही है।
इसके लिए पुलिस पॉल्ट्री व्यवसायी सतप्रकाश से पूछताछ कर आरोपियों का स्कैच तैयार कर रही है। दूसरा, आरोपियों ने रुपयों से भरा बैग लूटने से पहले वहां रखे सूटकेस को खंगाला था, जिसमें कागजात थे। आरोपी इस सूटकेस को भी वहीं छोड़ गए। इसके अलावा पुलिस साइबर सैल की मदद से वारदात के समय की गई कॉल डिटेल खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि यही तीन बिंदू पुलिस को 30 लाख की लूट का पर्दाफाश करने में मदद करेंगे।
किसी अन्य फार्मर के नाम पर मांगी पेमेंट
बता दें कि नई सब्जी मंडी निवासी सतप्रकाश उर्फ बिंटू तथा शीतलपुरी कॉलोनी निवासी देवेंद्र मोर पार्टनरशिप में नरवाना रोड पर पॉल्ट्री फार्मरों से कमीशन पर मुर्गे खरीदकर दिल्ली बेचने का काम करते हैं। दूसरी मंजिल पर उनका कार्यालय बनाया हुआ है। सोमवार को सतप्रकाश उर्फ बिंटू पॉल्ट्री फार्मरों की एक सप्ताह में खरीदे गए मुर्गों की पेमेंट दिल्ली से अपने घर ले गया था।
मंगलवार को वह फार्मरों को पेमेंट देने के लिए तीस लाख 10 हजार 500 रुपये की नकदी बैग में लेकर करीब साढ़े नौ बजे नरवाना रोड स्थित कार्यालय में पहुंचा। वह कार्यालय में अकेला बैठा था तो इसी दौरान दो युवक उसके पास पहुंचे और किसी ओमप्रकाश नाम के फार्मर की मुर्गों की पेमेंट देने को कहा।
सतप्रकाश के कैबिन पर लगा गए लॉक
व्यवसायी सतप्रकाश ने उक्त नाम के किसी व्यापारी की पेमेंट उसके पास नहीं होने की बात कही। इस पर दोनों युवकों ने वहीं खड़ा होकर फोन किया तो नीचे से दो युवक भी वहां पहुंच गए। इस दौरान एक युवक ने पिस्तौल तथा दूसरे ने व्यवसायी को चाकू दिखाया और गोली मारने की धमकी देकर उसके पास मौजूद नकदी देने को कहा। बदमाशों ने उसके पास बैग में रखी नकदी उठा ली और शीशे के कैबिन के बाहर लॉक लगाकर उसे बंधक बनाकर वहां से फरार हो गए। कैबिन में बद सतप्रकाश ने शीशे को लात मारकर तोड़ा और बाहर निकला। इस दौरान वह जख्मी भी हो गया।
कार्यालय के मुंशी को भी धमकाया
कार्यालय में मुंशी का काम करने वाले युवक रिंकू, अरुण भी कार्यालय की दूसरी मंजिल पर जाने के लिए ऊपर चढ़ रहे थे तो आरोपियों से उनका आमना-सामना हुआ। आरोपियों ने उन पर भी पिस्तौल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। कैबिन से बाहर आने पर सतप्रकाश के आवाज लगाने पर कार्यालय के मुंशी रिंकू तथा अरुण ने उनका पीछा किया, लेकिन तब तक बदमाश स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हो गए।
पैसे आने की थी मुखबिरी
पुलिस के अनुसार पॉल्ट्री व्यवसायी के पास लाखों रुपये की नकदी आने की मुखबिरी पहले से थी। पॉल्ट्री व्यवसायी सतप्रकाश उर्फ बिंटू ने बताया कि वह सप्ताह भर पॉल्ट्री फार्मरों के मुर्गे खरीदते थे। सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को सभी फार्मरों की पेमेंट दिल्ली से लेकर आते और मंगलवार को पेमेंट कर देते थे। बदमाशों को इस बात की जानकारी थी और इसी के चलते वे मंगलवार सुबह ही पॉल्ट्री व्यवसायी के कार्यालय में पहुंच गए।
सतप्रकाश से लाखनमाजरा में भी लूटे थे 63 लाख
पॉल्ट्री व्यवसायी सतप्रकाश ने बताया कि लगभग चार साल पहले भी वह दिल्ली से फार्मरों की पेमेंट लेकर वापस जींद आ रहा था। जब वह लाखन माजरा के पास पहुंचा तो कार सवार लुटेरों ने असलाह के बल पर 63 लाख रुपये की नकदी लूट ली थी। इसके बाद लाखन माजरा पुलिस की जांच में सामने आया था कि लूट की वारदात में लगभग पांच साल पहले उनके पास कैंटर परिचालक का काम करने वाले युवक ने अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। रोहतक पुलिस ने उस समय लूटपाट की इस वारदात को सुलझा लिया था और लूट की राशि की रिकवरी भी हो गई थी।
सूटकेस व कैबिन पर बने फिंगर प्रिंट का पुलिस को सहारा
पॉल्ट्री व्यवसायी सतप्रकाश के अनुसार आरोपियों ने उस पर पिस्तौल तानकर पहले तो उसके पास रखी सूटकेस को उठाया। उसको खोलकर देखा तो उसमें रुपये की बजाए कागजात थे। बाद में उन्होंने उसके कुर्सी के पास रखे नकदी के बैग को उठाया। इस दौरान लुटेरे सूटकेस को मौके पर ही छोड़ गए।
इसके बाद कैबिन के शीशे के गेट को लॉक करने बाद चाबी को भी वहीं छोड़ दिया। एसएपी अभिषेक जोरवाला का कहना है सूटकेस, कैबिन तथा अन्य जगह से एफएसएल की टीम ने फिंगर प्रिंट लिए हैं। इसके अलावा साइबर एक्सपर्ट का सहारा लिया जा रहा है।
नहीं लगे हैं सीसीटीवी कैमरे
नरवाना रोड पर पॉल्ट्री व्यवसायी के पास हर सप्ताह लाखों रुपये का टर्न ओवर होता है। इसके अलावा पहले भी लूटपाट की वारदात हो चुकी है। इसके बावजूद कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। पुलिस ने वारदात की जगह पर पहुंचते ही सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली, लेकिन निराशा हाथ लगी। बाद में पुलिस ने आसपास की दुकानों में सीसीटीवी कैमरों लगे होने की सूचना ली, लेकिन वहां भी कैमरे नहीं लगे थे।
एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने कहा कि पॉल्ट्री व्यवसायी का लाखों रुपये का लेन-देन होता है, लेकिन उसने सीसीटीवी कैमरों नहीं लगवाने की लापरवाही बरती गई है। दूसरा, ज्यादा पेमेंट का लेन-देन करना है तो इसकी सूचना संबंधित थाने के प्रभारी व डीएसपी को सूचना देनी चाहिए, लेकिन पॉल्ट्री व्यवसायी ने इसकी कोई सूचना नहीं दी।
शक की सूई जानकारों पर
जिस प्रकार घटना को अंजाम दिया गया, ऐसे में पुलिस के शक की सूई सतप्रकाश के जानकारों पर और इस व्यवसाय की जानकारी रखने वाले लोगों पर है। खुद एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने इसकी संभावना जताई है।
एसएसपी के अनुसार चार युवकों ने चाकू तथा पिस्तौल के बल पर पॉल्ट्री व्यवसायी से तीस लाख 10 हजार 500 रुपये की नकदी लूटी है। वारदात में किसी जानकार की मुखबिरी करने की आशंका है। पुलिस फिलहाल मामले को हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपियों को पकड़ने लिए चार टीमों का गठन किया गया।
इसमें सीआईए की दो टीम, डीएसपी सिटी तथा शहर थाना पुलिस की टीम अलग-अलग स्थान पर छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों का सुराग लगा लिया जाएगा।
वहीं, सिटी एसएचओ तेजबीर दहिया के मुताबिक, पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है। पीड़ित सतप्रकाश से पूछताछ के आधार पर आरोपियों का स्कैच तैयार किया जा रहा है। साइबर सैल की मदद ली जा रही है। जल्द ही वारदात का पर्दाफाश होगा।
10 मिनट में ऐसे की वारदात
9.30 बजे : पॉल्ट्री व्यवसायी सतप्रकाश कार्यालय में पहुंचा, तब तक कार्यालय में कोई भी कर्मचारी नहीं आया था।
9.35 बजे : दो युवक सतप्रकाश के पास पहुंचे और ओमप्रकाश नाम के फार्मर के नाम पर पेमेंट देने की बात कही।
9.37 बजे : उक्त नाम का कोई फार्मर नहीं होने की बात पर युवकों ने फोन पर किसी से संपर्क किया।
9.41 बजे : संपर्क करने के तीन से पांच मिनट के अंदर दो युवक कार्यालय में पहुंचे और एक ने पिस्तौल, दूसरे ने चाकू दिखाया।
9:45 बजे : आरोपियों ने नकदी से भरा बैग उठाया और व्यवसायी को बंद कर फरार हो गए।