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बिजली निगम के सीए को विजिलेंस टीम ने एक लाख 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ काबू किया

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बिजली निगम का सीए 1.18 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के सीए दुर्गेश को एक लाख 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। दुर्गेश ने भिवानी रोड स्थित राजेश कुमार की बैटरी की फैक्टरी के मीटर का लोड बढ़ाने और बिल ठीक करवाने के एवज में उक्त रिश्वत मांगी थी। दुर्गेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
हाउसिंग बोर्ड के रहने वाले राजेश कुमार ने भिवानी रोड पर बैटरी की फैक्टरी लगाई हुई है। उसके साथ ही बैटरी चार्जर की भी दुकान है। उसे अपनी फैक्टरी के बिजली बिल को ठीक करवाने के साथ दुकान का बिजली मीटर का लोड बढ़वाना था। वह बिजली निगम के सीए दुर्गेश से मिला तो उसने सारा काम करने के लिए आठ से दस लाख रुपये की मांग की। बाद में उनकी सेटिंग पांच लाख 32 हजार रुपये में हो गई। राजेश ने इसमें से एक लाख 18 हजार रुपये पहले देना स्वीकार करते हुए बाकी के पैसे काम होने के बाद देने के लिए कहा। सौदा तय होने के बाद राजेश ने इसकी शिकायत विजिलेंस से कर दी। इसे लेकर विजिलेंस ने डीसी अमित खत्री से इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। डीसी ने तहसीलदार प्रवीण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। राजेश को सीए दुर्गेश ने बिजली निगम के सब डिविजन दफ्तर हांसी रोड पर पैसे देने के लिए बुलाया। दुर्गेश को पैसे देते समय राजेश ने विजिलेंस को इशारा कर दिया। जिस पर टीम ने दुर्गेश को पकड़ लिया। उसके हाथ धुलवाए गए तो नोटों में पाउडर लगे होने की वजह से लाल हो गए। इसके बाद दुर्गेश की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक लाख 18 हजार रुपये भी बरामद हो गए। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर सतबीर शर्मा और सब इंस्पेक्टर बलजीत भी शामिल थे।
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रविवार सुबह ही हमें शिकायत मिली थी कि बिजली निगम के सीए दुर्गेश ने राजेश कुमार से बिजली मीटर का लोड बढ़वाने और बिल ठीक करने के एवज में पांच लाख 32 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। इसमें तहसीलदार प्रवीण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इसके बाद राजेश ने दुर्गेश को पैसे देकर हमें इशारा कर दिया और हमने दुर्गेश को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
सतबीर सिंह, इंस्पेक्टर विजिलेंस।
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