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आनंद की हत्या के तार विदेश से जुड़े, सुपारी किलर्स ने की थी हत्या

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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के रोहतक रोड पर शिव कॉलोनी निवासी आनंद की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। आनंद की हत्या दो युवकों ने लगभग 20 लाख रुपये की सुपारी लेकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की थी। सुपारी मृतक आनंद के ही परिवार के लोगों ने विदेश से दी थी। विदेश में एनआरआई ने इसके लिए पहले रोहतक के लोगों से संपर्क किया और उन्होंने इसके बाद आनंद की आगे सुपारी दी। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं किया कि सुपारी देने वाला मुख्य आरोपी किस देश में रहता है और मृतक आनंद के साथ उसका क्या रिश्ता है। आनंद की सुपारी देने वाले एनआरआई तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अदालत और भारत सरकार से सहयोग मांगा है और विदेश के पासपोर्ट के नंबर के आधार तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में गांव गतौली निवासी बनारसी, बिजेंद्र, जुलाना निवासी राजकुमार, उत्तम नगर दिल्ली निवासी भानू को गिरफ्तार किया है। आनंद की हत्या बनारसी और बिजेंद्र ने की थी, जबकि जुलाना निवासी राजकुमार और भानू सुपारी देने व पूरे प्लान में सहयोग करने के आरोप है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से वारदात में शामिल दूसरे आरोपियों के बारे में पूछताछ करेगी। गुड़गांव से पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एक रिवाल्वर 32 बोर, एक पिस्टल 32 बोर और नौ कारतूस बरामद हुए हैं।
एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि पांच जून की सुबह शिव कॉलोनी निवासी आनंद की बाइक सवार दो युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग करके हत्या कर दी थी। हत्या के बाद पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस जांच के दौरान गांव गतौली निवासी बनारसी, बिजेंद्र, जुलाना निवासी राजकुमार, उत्तम नगर दिल्ली निवासी भानू को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि आनंद की हत्या की सुपारी उनके ही रिश्तेदारों ने गांव धामड़ रोहतक निवासी जोगेंद्र उर्फ जोगी के माध्यम से गांव गतौली निवासी बनारसी, बिजेंद्र को दी। इस दौरान दिल्ली निवासी भानू ने हत्यारोपियों के लिए फर्जी आइडी से मोबाइल सिम की व्यवस्था की। दिल्ली नंबर के फोन से आनंद के पास फोन किया और बताया कि इंग्लैंड से उसके रिश्तेदार ने पार्सल भेजा है। पार्सल को लेने के लिए उसको रोहतक रोड पर बुलाया। जहां पर बाइक सवार दो युवक आए और दोनों हाथों में लिए पिस्तौल से उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें आनंद की मौत हो गई। हत्या करने के बाद आरोपी गुड़गांव फरार हो गए। तब से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
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प्रॉपर्टी को हड़पने के लिए बनाया था प्लान
एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि शिव कॉलोनी निवासी नरसिंह के संपत्ति का एकमात्र वारिस आनंद था। नरसिंह की संपत्ति पर नजर विदेश में रहने वाले उनके रिश्तेदार की थी। हालांकि, पुलिस विदेश में रहने वाले आनंद के रिश्तेदार की पहचान बताने से मना कर रही है। एनआरआई ने आनंद की हत्या करवाने के लिए गांव धामड़ रोहतक निवासी जोगेंद्र उर्फ जोगी से संपर्क किया। इस दौरान जोगेंद्र उर्फ जोगी का उसके भाई भूपेंद्र ने गांव गतौली निवासी बनारसी से संपर्क करवाया। भूपेंद्र बनारसी को वर्ष 2014 से जानता था, क्योंकि दोनों ने मिलकर वर्ष 2014 में रोहतक के सहगल ज्वैलर्स की दुकान पर डकैती थी। एनआरआई ने इससे पहले भी जोगेंद्र के माध्यम से पहले भी वारदातें करवाई हैं और अब उसी कड़ी में जोगेंद्र के माध्यम से आनंद की सुपारी देकर हत्या करवाई गई है।

सफीदों में करनी थी हत्या, नहीं हो पाए सफल
पुलिस के अनुसार, सुपारी किलर बनारसी और बिजेंद्र ने चार जून को आनंद को उसके रिश्तेदार के लंदन से भेजे गए सामान देने के बहाने सफीदों बुला लिया, लेकिन आनंद सफीदों अपने तीन दोस्तों को लेकर चला गया। आनंद के साथ तीन दोस्तों को देखकर आरोपी गुमराह हो गए और उसकी हत्या नहीं कर पाए। इसके बाद आरोपियों ने पांच जून की सुबह फोन किया और लंदन से आए पार्सल को रोहतक रोड पर मलिक अस्पताल के पास से लेने के लिए बुलाया। इस दौरान आनंद अपने दोस्त सोनू को साथ लेकर वहां पर चला गया। जहां आनंद की हत्या कर दी।

बच न जाए इसलिए आनंद को मारी 14 गोलियां
पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे एनआरआई इससे पहले भी गांव धामड़ निवासी जोगेंद्र उर्फ जोगी को एक व्यक्ति की सुपारी दे चुका है। इससे पहले एनआरआई ने जोगेंद्र के माध्यम से गांव गतौली निवासी बनारसी और बिजेंद्र को गांव मोहला हिसार निवासी महेंद्र की सुपारी दी थी। इसमें दोनों ने सुपारी लेकर गांव बास हिसार के निकट महेंद्र को उस समय गोली मार दी जब वह अपना ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। इसमें महेंद्र को गोली तो लग गई, लेकिन बाद में वह बच गया। इस दौरान सुपारी किलर बनारसी और बिजेंद्र को मिलने वाली मोटी सुपारी की जगह केवल डेढ़ लाख रुपये ही मिले। इस बार वह अपनी लगभग 20 लाख रुपये की सुपारी को नहीं खोना चाहते थे। इसलिए बनारसी और बिजेंद्र अपने साथ तीन पिस्तौल लेकर पहुंचे। जहां पर बनारसी ने अपने दोनों हाथों में पिस्तौल से अंधाधुंध फायरिंग की, जबकि बिजेंद्र ने अपने पास मौजूद असलाह से फायर किया। इसके कारण लगभग 14 गोली लगने से आनंद की मौके पर ही मौत हो गई।

एनआरआई को देश में लाने के प्रयास में पुलिस
एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि सुपारी देने वाले लोग विदेश में बैठे हैं, लेकिन उनकी पहचान और किस देश में रहते है इसका खुलासा करने से फिलहाल मना कर दिया। इसके लिए पुलिस को कई देशों में जाना पड़ेगा। इसके लिए सुपारी देने वाले एनआरआई को पकड़ने के लिए अदालत और विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया है। इसके लिए जल्द ही आरोपी के पासपोर्ट की डिटेल ली जाएगी और उसके बाद पुलिस उसको गिरफ्तार करने का पूरा प्रयास करेगी।

आनंद के भाई की मौत का मामला भी रि-ओपन
एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि आनंद के बड़े भाई जोगेंद्र का लगभग ढाई साल पहले सेक्टर आठ के जलघर में शव मिला था। उस समय पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या मान लिया था, लेकिन उसका पिता नरसिंह बार-बार उस मौत पर भी सवाल उठा रहा है। आनंद की हत्या में साजिश सामने आने के बाद पुलिस ने जोगेंद्र की मौत के मामले को भी रि-ओपन किया है। उस मामले की जांच भी दोबारा से की जाएगी। ताकि उसकी मौत की असलियत भी सामने आ सके।

पुलिस अधिकारी और वकील की हत्या का था प्रयास
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी बनारसी और बिजेंद्र ने खुलासा किया कि उन्होंने अगला निशाना भी निर्धारित कर लिया था। इस बार उन्होंने जींद पुलिस में कार्यरत एक अधिकारी और पानीपत के एक वकील की हत्या करने की सुपारी ले रखी थी। जिसको वह जल्द ही अंजाम देने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उनको पकड़ लिया।

अब तक वारदातों को अंजाम
1. बनारसी उर्फ काला ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो जून 2014 को रेलवे रोड रोहतक में सहगल ज्वैलर्स की दुकान में डकैती की थी। इस कांड में सभी पेशी की तारीखों पर बनारसी फरार चल रहा है ।
2. बनारसी ने अपने साथी गांव सिसाय निवासी सुरेंद्र झंडा और भोला के साथ मिलकर 29 मई 2016 को सिसाय के एक व्यक्ति को गांव ईक्कस के पास बस से उतारकर उसका अपहरण किया था। उसे नारनौंद के नजदीक एक रजबाहा पर ले जाकर रॉड से पीटा था, लेकिन आरोपी इस मामले में गिरफ्तार नहीं हुआ था।
3. बनारसी ने अपने साथी गांव सिसाय निवासी भोला के साथ मिलकर 16 मई 2016 को हुडा पार्क भिवानी से पिस्तौल के बल पर व्यक्ति से एक बाइक छीनी थी।
4. बनारसी अपने साथी बिजेंद्र उर्फ नहला गांव धामड़ निवासी जोगेंद्र उर्फ जोगी के साथ मिलकर एनआरआई के कहने पर 19 अप्रैल को गांव मोहला के महेंद्र को ट्रैक्टर-ट्राली से जाते समय गोलियां मारी थी। इसमें वह बच गया था। यह मामला भी ब्लाइंड था, जिसमें यह आरोपी है।
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5. बनारसी ने अपने साथी बिजेंद्र उर्फ नहला के साथ मिलकर दौ अप्रैल को इंद्रा बाजार दिल्ली से सफेद रंग की बाइक चोरी की थी। इस मामले का खुलासा भी हुआ है।
आनंद की हत्या के तार विदेश से जुड़े, सुपारी किलर्स ने की थी हत्या
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