जींद। गांव लखमीरवाला में मंगलवार सुबह जमीनी विवाद को लेकर गोलियां चल गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद 10-12 लोगों ने तीन लोगों पर जेलियों, गंडासे और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को नागरिक अस्पताल में लाया गया, जहां से उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पुलिस घायलों के बयान दर्ज करने के लिए रोहतक पीजीआई गई है।
हमले में घायल हुए जगमेंद्र सिंह ने बताया कि वह अर्बन इस्टेट में रहता है और इंडस्ट्रियल एरिया में उसका एक जैविक खाद व दवाइयों की फैक्टरी भी है। उसने अपने पैतृक गांव लखमीरवाला में 2003 में पड़ोसियों से डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी थी। पिछले एक महीने से जिन लोगों की उसने जमीन खरीदी थी, वह उसे तंग कर रहे हैं। मंगलवार सुबह लगभग आठ बजे वह जींद से अपने खेत में घूमने के लिए गया था। जब वह खेत में पहुंचा तो उसके पड़ोसियों ने उस पर गोली दाग दी। इसमें वह बच गया। इसी प्रकार आरोपियों ने उस पर तीन फायर किए। फायर की आवाज सुनकर पड़ोस में काम कर रहे उसके चाचा जयपाल, भाई बनीसिंह भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपियों ने उन पर गंडासियों, जेलियों व लाठियों से हमला कर दिया। इसमें जगमेंद्र, जयपाल व बनीसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद मौके पर अन्य ग्रामीण पहुंच गए। अन्य ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने जगमेंद्र, जयपाल व बनीसिंह को गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस नागरिक अस्पताल पहुंची। तब तक घायल रोहतक पीजीआई जा चुके थे। पुलिस अब रोहतक पीजीआई घायलों के बयान दर्ज करने के लिए गई है।
लखमीरवाला गांव में झगड़े की सूचना मिली है। जांच अधिकारी को घायलों के बयान दर्ज करने के लिए रोहतक पीजीआई भेजा गया है। गोली चलाने का कोई मामला नहीं है। यह केवल जमीन को लेकर आपस में हुआ झगड़ा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, सदर।