जींद। बिजली निगम के ठेकेदार के साथ मिलकर छह करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने वाले निगम के पूर्व फाइनेंसियल अकाउंटेंट नारनौल के गांव हसनपुर निवासी अनिल कुमार को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
क्या है पूरा मामला
फरवरी 2018 में सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बिजली निगम हिसार सर्कल के एसई राजीव शर्मा ने कहा था कि बिजली निगम ने बिजली के पोल लगाने, तार व अन्य कार्यों के लिए मैसर्ज कुलदीप दूहन फर्म के पास ठेका था। फर्म मालिक कुलदीप दूहन ने निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलकर लगभग छह करोड़ रुपये का घोटाला कर दिया। मामले की जांच कर रहे डीएसपी दलीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने कुलदीप दूहन व कुछ अज्ञात कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मार्च 2019 में पुलिस ने कुलदीप दूहन को गिरफ्तार कर लिया था। कुलदीप दूहन से पूछताछ में सामने आया कि इस मामले में उसके साथ निगम के फाइनेंसियल अकाउंटेंट अनिल कुमार भी शामिल थे। बिजली निगम ने उसी समय अनिल कुमार को सस्पेंड कर दिया था। तभी से अनिल कुमार इस मामले में फरार चल रहा था। शुक्रवार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।