अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से नौकरियां बेचने वाले लोगों को सरकारी संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की हाईकोर्ट के दो सिटिंग जजों से जांच कराने की मांग। पत्रकारों से बातचीत में सुरजेवाला ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री निष्पक्ष जांच करवाना चाहते हैं तो आयोग को बर्खास्त कर चेयरमैन ओर सदस्यों पर एफआईआर दर्ज की जाए। सुरजेवाला ने कहा कि नौकरियों में मोटे अनुमान के मुताबिक 200 से 500 करोड़ की रिश्वत ली गई है जो ओपन दरखास्त लेकर शपथ पत्र के साथ कि किसने पैसे लिए किसको दिया किस एवज में लिया किसके कहने पर लिया और कहां तक वह पैसा गया उन बच्चों का पैसा वापिस हो और जो दोषी है उनको जेल भेजा जाए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जो कर्मचारी गिरफ्तार हुए है क्या उनको चेयरमैन भारत भूषण ने आउटसोर्सिंग के आधार पर नौकरी नहीं लगाई थी क्या इनमें से एक कर्मचारी दिल्ली के भाजपा कार्यालय में काम नहीं करता था क्या एक बोर्ड के आला अधिकारी का रिश्तेदार नहीं है उन्होंने कहा कि सरकार को 8 महीने से नौकरी बेच घोटाले की जानकारी थी तो चेयरमैन ओर सदस्यों को एक्सटेंशन क्यों दीं।