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गतौली गांव में दिन दहाड़े घर में घुसकर युवक को मारी गोली, गंभीर हालत में पीजीआई रेफर

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घर में घुस कर युवक को मारी गोली, भाई ग्रामीणों से लगाता रहा मदद की गुहार, पुलिस कार्रवाई में उलझी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद/जुलाना।
गतौली गांव में एक बाइक सवार युवक दिन दहाड़े घर के चौबारे में आराम कर रहे 22 वर्षीय दीपक नामक युवक को गोली मार कर फरार हो गया। लेकिन घायल की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। घटना की सूचना पाकर जुलाना थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घायल को जींद के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां घायल की स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पुलिस ने अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
घायल दीपक के भाई नवदीप ने पुलिस को बताया कि सोमवार दोपहर वह हैंडपंप से पानी लेने के लिए गया था। उसका भाई दीपक घर में अकेला था। तभी एक नकाबपोश मोटरसाइकिल सवार घर में आया और दीपक को गोली मारकर फरार हो गया। नवदीप ने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का साया उनके सिर से उठ गया था। करीब पांच वर्ष पहले उनकी मां का भी निधन हो गया। दोनों भाई मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहे हैं।
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कार्रवाई के कारण बाधित रहा इलाज
घायल की स्थिति नाजुक होने के कारण चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया, लेकिन यहां पुलिस युवक से पूछताछ करती रही। इस दौरान चिकित्सकों ने कई बार पुलिस को टोका कि घायल को जल्दी पीजीआई ले जाएं, लेकिन पुलिस ने पहले अपनी कार्रवाई पूरी की, और फिर घायल को रवाना किया।

ग्रामीणों ने नहीं की मदद
थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही घायल दीपक के घर पहुंच कर उसकी मदद की गई, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने दीपक की मदद नहीं की। उन्होंने खुद गाड़ी से घायल को अस्पताल पहुंचाया। इससे दीपक की जान बचाई जा सकी।
जांच चल रही है
युवक को गोली मारने का कामला सामने आया है। जब हम मौके पर पहुंचे तो उनका भाई मदद के लिए गुहार लगाता मिला, लेकिन कोई ग्रामीण मदद के लिए सामने नहीं है। जिसके बाद हमने उसे अस्पताल पहुंचाया। अज्ञात बदमाश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र सिंह, जुलाना थाना प्रभारी।








चार माह से वेतन न मिलने पर एफसीआई के चौकीदार ने दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
गांव घोघड़िया में आर्थिक तंगी के चलते एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। मृतक एफसीआई में चौकीदार कार्यरत था, लेकिन चार माह पहले उसको नौकरी से निकाल दिया था। नौकरी से हटाने से पहले उसकी चार माह का वेतन भी बकाया था। जिसे विभाग जारी नहीं कर रहा था। नौकरी जाने और बकाया वेतन न मिलने के कारण परिवार का गुजारा नहीं चल रहा था। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान दर्ज कर लिया है।
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पुलिस के अनुसार गांव घोघड़िया निवासी 50 वर्षीय रामबीर ने सोमवार सुबह घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों उसको उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां पर उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई राजेंद्र ने बताया कि उसका भाई फूड सप्लाई विभाग उचाना के गोदाम में लगभग 15 साल से ठेका प्रथा के तहत चौकीदार लगा हुआ था। अगस्त माह में विभाग ने उसको नौकरी से निकाल दिया और उसका पिछले चार माह का बकाया वेतन भी जारी नहीं किया। इसके बाद मानसिक रुप से परेशान रहने लगा। अपने बकाया वेतन के लिए वह विभाग के अधिकारियों के पास चक्कर काट रहा था, लेकिन उसका वेतन जारी नहीं हुआ। नौकरी जाने के बाद वह हर समय कहता रहता था कि अब परिवार का गुजारा कैसे कर पाएगा। इसी परेशानी के कारण उसने आत्महत्या की है।

जांच की जाएगी
परिजनों ने वेतन जारी नहीं होने की बात कही है। पुलिस की मामले की जांच करेगी। यदि इस प्रकार कोई मामला मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
सतबीर सिंह, जांच अधिकारी, उचाना


मामले की करेंगे पड़ताल
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। यदि किसी ठेकेदार के कारण यह घटना घटी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जाएगी। फिलहाल मामले की जांच करवाई जाएगी।
राजेश कुमार आर्य, डीएफएससी।
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