12 दिन में जिले में हुई तीन हत्याएं, आरोपी पकड़ से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिछले 12 दिन में जींद में तीन मर्डर हो चुके हैं। इनमें से दो मर्डर तो पुलिस के लिए अभी तक ब्लाइंड बने हुए हैं। इनमें पुलिस की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। वहीं तीसरी हत्या के चार आरोपियों का सुराग लगा पाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। यह तीन हत्याएं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं। इससे साफ है कि हत्यारे बेखौफ खुली हवा में सांस ले रहे हैं लेकिन पुलिस के पास ऐसा एक भी सुराग नहीं, जो इन हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचा सके।
20 फरवरी को गांव पोकरी खेड़ी स्थित पोंकर तीर्थ के महंत प्रणाईनाथ की उनके डेरे में ही हत्या कर दी गई थी। महंत के सिर पर तेजधार हथियार से वार किए गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस इस हत्या को लूट की नजर से देख रही है। हत्या के बाद डेरे से चांदी का एक रथ, महंत के कानों के कुंडल, सोने की अंगूठी, सोने की चेन तथा नकदी भी गायब मिली थी। पुलिस ने इसमें हत्या व लूटपाट का अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की जांच सदर थाना पुलिस व सीआईए कर रही हैं। इसमें अलग-अलग टीमें हत्यारों का सुराग लगाने में लगी हुई हैं लेकिन एक भी सुराग पुलिस के हाथ अब तक नहीं लगा है। पुलिस हर पहलु से इसकी जांच कर रही है। सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जो हत्यारों तक लेकर जा रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ 24 फरवरी को एकलव्य स्टेडियम में एक युवक जींद निवासी 19 वर्षीय अक्षय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस झगड़े में अक्षय का भाई 17 वर्षीय लक्ष्य भी घायल हो गया था। अक्षय के चाचा वीरेंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने जवाहर नगर निवासी पारूल नैन, अंशु रेढू, काला व अनुज के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। इस मामले में भी पुलिस अभी तक एक भी आरोपी को काबू नहीं कर पाई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपियों की पकड़ के लिए पुलिस ने दो टीमें बना रखी हैं। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। इसी प्रकार 28 फरवरी को गांव दालमवाला में शादी समारोह के दौरान गोली लगने से एक 14 वर्षीय बच्चे सुमित की मौत हो गई थी। पुलिस ने इसमें सुमित के पिता धर्मबीर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था लेकिन पुलिस अभी तक यह भी पता नहीं लगा पाई है कि गोली किसने चलाई थी। तीनों मामलों में पुलिस के हाथ फिलहाल कुछ नहीं लगा है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
जल्द पकड़े जाएंगे हत्यारे
पुलिस हत्यारों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। वह खुद भी इन मामलों पर नजर रखे हुए हैं। जल्द ही सभी मामले ट्रेस कर लिए जाएंगे।
--अश्विन शैणवी, एसएसपी, जींद।