साढ़े चार क्विंटल गांजा सहित दो गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ से लाकर चार गुणा रेट में बेचते थे
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पुलिस ने रामराये गांव के पास से एक ट्रक से चार क्विंटल 56 किलोग्राम 870 ग्राम गांजा के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए गांजे की कीमत करीब 45 लाख रुपये है। आरोपी छत्तीसगढ़ से करीब तीन हजार रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से गांजा खरीद कर लाते थे और जींद, रोहतक व हिसार में 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल बेचते थे। ट्रक में गांजा रखने के लिए पिछले हिस्से में लोहे की एक दीवार बनाई गई है।
डीएसपी पवन शर्मा ने बताया कि सीआईए टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को मिली सूचना मिली थी कि हिसार की तरफ से गांजे से भरा एक ट्रक आ रहा है। इसके बाद सीआईए ने रामराये गांव के पास नाकाबंदी की। इस दौरान एक ट्रक की तलाशी लेने पर चार क्विंटल 56 किलोग्राम 870 ग्राम गांजा बरामद हुए। पुलिस ने ट्रक ट्रक चालक हिसार के डाटा गांव निवासी राजेश, गांव लोहारी राघु निवासी कपिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस गिरोह में राजेश, जगदलपुर निवासी मोनू, ट्रक मालिक ढाणा निवासी अनिल व डाटा गांव निवासी प्रताप बावरिया पार्टनर हैं। अब पुलिस इन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
जंगलों में मिलता था गांजा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जगदलपुर निवासी मोनू इन लोगों को माल दिलवाता था। आरोपियों ने बताया कि गाड़ी छत्तीगढ़ चली जाती और वहां जगंलों में नशे के बड़े कारोबारी इन लोगों से गाड़ी ले लेते। कुछ समय के बाद वहीं पर गाड़ी में गांजा भर कर वापस कर देते।
हर तीन-चार महीने में लाते थे खेप, डेढ़ साल से चल रहा है कारोबार
पुलिस पूछताछ में पता चला कि मालिक अनिल ने अपने ट्रक को विशेष रूप से इसी काम के लिए तैयार करवाया है। ट्रक के पिछले हिस्से में लोहे की एक दीवार बनाई गई है। इससे पीछे गांजा रखा जाता था और बाहर से देखने पर गाड़ी खाली नजर आती थी। डीएसपी ने बताया कि ये लोग पिछले करीब डेढ़ साल से इस काम में लगे हुए हैं। हर तीन-चार माह में गांजे की खेप लाते थे। छत्तीसगढ़ से गांजा लाने के बाद यहां राजेश गांजे को जींद, हिसार व रोहतक में सप्लाई करता था। पुलिस अब उन लोगों का भी तलाश कर रही है जो गांजा खरीदकर ग्राहकों को बेचते हैं।
एक माह पहले भी पकड़ा था गांजा
पुलिस ने इससे पहले 25 अगस्त को 386 किलोग्राम गांजा पकड़ा था। पिछले एक महीने में नशा तस्करी के कई बड़े मामले में सामने आ चुके हैं। इससे साफ है कि क्षेत्र में नशा तस्करों के व्यापक स्तर पर जाल फैला रखा है।