अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एनएच-65 मार्ग को गांव दनौदा में बाधित करने के मामले में पुलिस ने किसान नेताओं सहित 73 लोगों के खिलाफ मार्ग बाधित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मार्ग बाधित करने के दो दिन के बाद कार्रवाई की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सदर थाना नरवाना में कार्यरत एएसआई बलवान ने दी शिकायत में बताया कि 16 जून को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के आंदोलन के समर्थन में किसान पंचायत बुलाई थी। किसानों की पंचायत दनौदा के चबूतरे हुई। इसी दौरान कुछ किसानों ने एनएच-65 मार्ग को बाधित कर दिया। मार्ग बाधित होने के बाद वाहनों को दूसरे रूट से डायवर्ट कर दिया, लेकिन समझाने के बावजूद लोगों ने मार्ग को नहीं खोला। इसके बाद एसडीएम, डीएसपी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत करके समझा बुझाकर जाम को खुलवाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गांव दनौदा कलां निवासी सत्यवान, नैन खाप के प्रवक्ता रघबीर नैन, सुरेश, बलवान नैन, चांद बहादुर, दीपक, गांव दनौदा खुर्द निवासी जिला पार्षद मोनू दनौदा, डीवाईएफआई के राज्य प्रधान नरेश, अशोक, रामचंद्र, गांव खेड़ी मसानिया निवासी दलबीर, गांव लितानी निवासी धोला, गांव पालवां निवासी मांगेराम को नामजद करके 60 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
एनएच-65 रोड जाम करने पर 73 के खिलाफ केस
किसान नेताओं, जिला पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज