नाबालिग की कर रहे थे शादी, प्रशासन ने दूल्हे को बारात सहित लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दरोली खेड़ा गांव से बारात लेकर निकले नाबालिग दूल्हे की शादी प्रशासन ने रुकवा दी। इस शादी में दूल्हे की उम्र मात्र 15 वर्ष पाई गई। विभाग द्वारा परिजनों से लिखित में लड़के के बालिग होने तक शादी नहीं करवाने का ब्यान लिया गया। वहीं जिस लड़की से शादी हो रही थी, वह 18 साल की थी। जिला के कालवन गांव से प्रशासन को सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़के की शादी दरोली खेड़ा में करवाई जा रही है। इस पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो दूल्हे की बारात गांव से कालवन गांव में पहुंच चुकी थी। सूचना पर सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान, एएसआई राजबीर सिंह, महिला कांस्टेबल रेनू, नीलम देवी, एसपीओ सुरेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो पाया कि नाबालिग दूल्हे की सगाई की रस्म चल रही थी। इस पर टीम ने लड़के के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो दरोली खेड़ा से आई बारात में पहुंचे लोगों के पास कोई साक्ष्य नहीं था। इसके बाद व्हाट्सएप से लड़के के जन्म का प्रमाण मंगवाया गया तो पाया कि लड़के की उम्र महज 15 वर्ष निकली। परिजनों ने लिखित ब्यान दर्ज करवाए कि लड़के के पिता की मौत हो चुकी है और उसकी मां बीमार रहती है। कानून की जानकारी नहीं होने के कारण ऐसा किया गया। साथ ही आश्वासन दिया कि लड़के बालिग होने पर ही शादी की जाएगी।