पुलिस कर्मी बनकर ठगने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डिटेक्टिव स्टाफ ने शनिवार देर शाम को पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। तीनों ने राजस्थान और हरियाणा में कई ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने तीनों को गुप्त सूचना के आधार पर पटियाला चौक क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। रविवार को तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से अन्य वारदातों व उनके अन्य साथियों के बारे में पता लगाएगी।
डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के कुछ सदस्य पटियाला चौक क्षेत्र में घूम रहे हैं। यहां वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में तीनों ने अपनी पहचान कैथल जिले के गांव तितरम निवासी बलविंद्र व राजीव तथा पटियाला चौक जींद निवासी मनोज उर्फ गोलू के रूप में बताई। पकड़े गए लोगों से पूछताछ में ठगी की कई वारदातों का खुलासा हुआ है। गिरोह के सदस्यों द्वारा हरियाणा, राजस्थान में कई जगहों पर पुलिसकर्मी बनकर लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि सफीदों शहर के पाजूकलां रोड से राखी शाहपुर निवासी अशोक व विजय से 23 अक्टूबर को ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर इसी गिरोह के सदस्यों ने दो लाख रुपये ठग लिए थे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि उन्होंने अपने साथी मंगल, बलराज, भूरिया व मुर्गा के साथ मिलकर सफीदों में इस वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने खुलासा किया कि राजस्थान के सूरजगढ़ व राजगढ़ में चार-चार तथा हिसार में तीन वारदातों को पुलिस कर्मी बनकर अंजाम दिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में लगी हुई है। रविवार को तीनों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के निर्देश दिए। डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों से अन्य वारदातों में शामिल होने व गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ करेगी।