अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर की लोको कॉलोनी में रेलवे लोको पायलट के सिर में डंडा मारकर हत्या करने के जुर्म में अदालत ने दो युवकों को आठ-आठ साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से चार लाख 90 हजार रुपये शिकायतकर्ता को हर्जाने के तौर पर और 10 हजार रुपये सरकारी राजस्व के खाते में जमा करवाने होंगे। जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। लोको कालोनी निवासी मालती ने 18 जनवरी 2016 को शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका पति योगेश्वर प्रसाद (45) उत्तर रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत था। पिछले कई वर्ष से लोको कॉलोनी में रेलवे क्वार्टर में परिवार सहित रहता था। शाम को वह ड्यूटी से अपने घर पहुंचा और अपने क्वार्टर की बाउंडरी पर लगे कांटेदार तारों को ठीक करने लगा। इसी बात पर उसके क्वार्टर के पड़ोसी किशनलाल के बेटों से कहासुनी हो गई। इसी बात को लेकर उसके पड़ोसी असर्चज, उसका भाई अक्षय लाठी और डंडों से लैस होकर आए और उसके पति पर हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने उसके सिर में डंडा मारा। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर असर्चज और अक्षय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने मामले पर सुनवाई कर असर्चज और अक्षय को आठ-आठ साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
लोको पायलट के दो हत्यारों को आठ-आठ साल की कैद
अदालत ने पांच लाख रुपये का जुर्माना भी किया