जींद। त्रिपुरा में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने की मांग को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम तहसीलदार अजय सैनी को ज्ञापन दिया।
जिला सचिव का. रमेश चंद्र ने बताया कि त्रिपुरा में 16 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। जहां पर भाजपा सरकार द्वारा आतंक का माहौल बनाया गया है। विपक्षी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी पार्टी का एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल इस बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त को मिला था, जिसमें सकारात्मक आश्वासन मिला था। उसके बावजूद भी घटनाक्रम में कोई बदलाव नहीं आया और विपक्षी पार्टी के नेताओं पर हमले लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि सत्ता के दम पर माकपा के कई कार्यालयों पर अपना कब्जा कर लिया गया है। त्रिपुरा एक छोटा राज्य है, जहां दूसरे राज्यों की पुलिस की तैनाती असामान्य लगती है। असम के मुख्यमंत्री त्रिपुरा में डेरा डाले हुए हैं। इसलिए असम पुलिस की उपस्थिति चिंता का विषय है। असम और गुजरात पुलिस की तैनाती चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में एक बाहरी कारक के रूप में माना जाना तय है। इन बातों को लेकर माकपा जिला सचिव ने आग्रह किया है कि त्रिपुरा में केवल केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया जाए। चुनाव में तैनात सभी कर्मचारियों को डाक मतपत्र जारी करने में हो रही अराजक स्थिति को दूर किया जाए। इस अवसर पर कपूर सिंह, रणधीर सिंह, सोहनदास, महाबीर, पवन, संदीप, कृष्ण, सुनील, राजपाल, सुभाष तिवारी, वेदप्रकाश मौजूद रहे।