27जेएनडी05: सीटीएम को ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के सदस्य। स्रोत: संगठन
जींद। भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन ने मजदूरों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन एचसीएस अधिकारी मोनिका के माध्यम से श्रम मंत्री अनिल विज के नाम सौंपा। यूनियन के जिला प्रधान सुधीर कारसिंधु ने कहा कि सरकार मजदूरों का पंजीकरण स्वयं करें और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि गरीब और अनपढ़ श्रमिक अनावश्यक औपचारिकताओं में न उलझें। उन्होंने मांग की कि काम के दौरान श्रमिक की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और पंजीकरण के साथ ही सभी हितलाभ शुरू किए जाएं। विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, श्रमिकों को लंबित हितलाभ तुरंत देने, फैमिली आईडी में निर्माण श्रमिक की शर्त हटाने और रद्द किए गए पात्र श्रमिकों के पंजीकरण बिना शर्त बहाल करने की मांग भी रखी गई। जिला सचिव धर्मबीर भनवाला ने कहा कि गैर जरूरी शर्तों के कारण मजदूरों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि अनपढ़ और गरीब श्रमिक सभी दस्तावेजी शर्तें पूरी नहीं कर पाते, इसलिए यूनियनों को श्रमिकों के कार्य का प्रमाणित करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों को रियायतें दे रही है, जबकि मजदूरों को उनके अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। इस दौरान वेद प्रकाश, कृष्ण, कश्मीर समेत अन्य मौजूद रहे।