17जेएनडी06 : जींद-सफीदों स्टेट हाईवे, जिसकी बढ़ाई जाएगी चौड़ाई। संवाद
जींद। लगभग ढाई साल से रुका जींद-सफीदों-पानीपत स्टेट हाईवे का निर्माण और लटक गया है। इस सड़क के किनारे के 6500 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग ने पीडब्ल्यूडी को अभी तक एनओसी नहीं दिया है। यहां काटे जाने वाले पेड़ों की जगह पौधे लगाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने फरीदाबाद में 27 एकड़ जमीन देखी थी, लेकिन वन विभाग ने निरीक्षण में उसे रिजेक्ट कर दिया है। देखी गई जमीन पथरीली है, जिसकी वजह से उस पर पौधे नहीं लगाए जा सकते हैं। अब पीडब्ल्यूडी किसी अन्य स्थान पर जमीन खोज रहा है, मगर मिल नहीं रही है। ऐसे में इस स्टेट हाईवे के निर्माण में लगातार देरी हो रही है। इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनकी वजह से कई हादसे भी हो चुके हैं।
लगभग ढाई साल पहले सफीदों की पुरानी अनाज मंडी में हुई एक रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जींद-सफीदों-पानीपत स्टेट हाईवे के पुनर्निर्माण की घोषणा की थी। इसके अलावा इस सड़क की चौड़ाई जींद से सफीदों तक सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर करने तथा सफीदों से पानीपत तक फोर करने की घोषणा की थी। इस परियोजना पर 180 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। सभी कार्य इसके लिए पूरे कर लिए गए हैं। पैसा भी सरकार ने जारी कर दिया है, मगर इसके निर्माण में सबसे बड़ी समस्या जींद से सफीदों तक सड़क के किनारे खड़े 6500 पेड़ों को शिफ्ट करने की आ रही है। इसके बदले वन विभाग ने पीडब्ल्यूडी से 30 एकड़ जमीन मांगी, ताकि वहां पर पौधे लगाए जा सकें। काफी प्रयास के बाद पीडब्ल्यूडी को फरीदाबाद में 27 एकड़ जमीन मिली थी। जब वन विभाग ने उस जमीन का निरीक्षण किया तो वह पथरीली मिली। इस पर पौधे नहीं लगाए जा सकते। ऐसे में वन विभाग ने उसे अनफिट करार दे दिया है। वन विभाग ने पीडब्ल्यूडी को दूसरी जगह जमीन खोजने के लिए पत्र लिखा है। पौधे लगाने के लिए जब तक जमीन नहीं मिलती, तब तक इस सड़क का निर्माण नहीं हाे सकता है।
गहरे गड्ढे बन रहे हादसों का कारण
जींद जिले में हादसों के मामले में यही स्टेट हाईवे सबसे ज्यादा खतरनाक है। सड़क हादसों में सबसे ज्यादा खून इसी स्टेट हाईवे पर बहता है। इस मार्ग पर एक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसी प्रकार जामनी गांव के पास पूजा-अर्चना के लिए जा रहे छह लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके अलावा इस मार्ग पर कई बाइक सवार हादसे का शिकार होने की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं।
फरीदाबाद में जो 27 एकड़ जमीन दिखाई गई थी वह पथरीली थी। उस पर पौधे नहीं लग सकते हैं, इसलिए इस जमीन को रिजेक्ट कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी को आसपास ही कहीं जमीन देखने के लिए कहा गया है। जमीन मिलते ही पीडब्ल्यूडी को एनओसी जारी कर दिया जाएगा और पेड़ों की कटाई करवा दी जाएगी। -पवन ग्रोवर, जिला वनमंडल अधिकारी, जींद।
17जेएनडी06 : जींद-सफीदों स्टेट हाईवे, जिसकी बढ़ाई जाएगी चौड़ाई। संवाद