जींद। पिछले कई दिनों से साफ रहे मौसम ने रविवार सुबह ही करवट बदल ली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बारिश की संभावना बनी रही। दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में यदि बारिश हुई तो गेहूं की बिजाई का कार्य प्रभावित हो जाएगा। इसके अलावा बारिश होने से वायु प्रदूषण काफी कम हो जाएगा। ऐसे में इस समय बारिश से नुकसान और लाभ दोनों ही हैं। रविवार को जिले में एक्यूआई 200 दर्ज किया गया।
सुबह ही आसमान में बादल छाने शुरू हो गए थे, जो दिनभर छाए रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। हवा की गति दो किलोमीटर प्रति घंटा रही है जबकि हवा में नमी की मात्रा 84 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार व मंगलवार को बारिश की संभावना है। इस समय धान की कटाई का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और गेहूं की बिजाई का कार्य भी 50 प्रतिशत हाे चुका है। जिन किसानों ने गेहूं की अगेती बिजाई कर दी है, उनको अभी गेहूं में पानी लगाने की जरूरत है। यदि बारिश हुई तो गेहूं की जो फसल उगी हुई है, उसमें काफी लाभ होगा, जबकि गेहूं की बिजाई का कार्य प्रभावित हो जाएगा। बारिश हुई तो मौसम में ठंड बढ़ जाएगी।
नवंबर महीने का आखिरी सप्ताह चल रहा है, लेकिन अभी तक तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। रात के समय कुछ ठंड जरूर हो जाती है, लेकिन दिन में ज्यादा ठंड नहीं हो पाती। इस समय ठंड की जरूरत है। ऐसे में इस समय बारिश की जरूरत महसूस की जा रही है। बारिश होने से वायु प्रदूषण भी काफी कम हो जाएगा। बिना बारिश के आसमान में उड़ने वाली धूल से छुटकारा नहीं मिल पाएगा।
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सोमवार व मंगलवार को बारिश की संभावना है। बारिश होने से जो किसान गेहूं की इस समय बिजाई कर रहे हैं, वह प्रभावित होगी, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं की बिजाई 21 दिन पहले कर ली थी, उनको काफी लाभ होगा। सोमवार व मंगलवार को किसान फसलों में पानी की सिंचाई नहीं करें।
डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा