जींद। नौतपा के लगातार तीसरे दिन जिले के लोगों को सर्दी जैसा अहसास हुआ। शनिवार सुबह तेज हवा के साथ कहीं पर तेज बारिश तो कहीं पर हल्की बारिश हुई। तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बिजली गुल हो गई। जिले में जुलाना में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यहां बारिश से कुछ दुकानों और मकानों में पानी भर गया। सड़कें पानी से लबालब भर गई। जिसके चलते लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। बारिश के कारण अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
जुलाना में सबसे ज्यादा बारिश 25 एमएम तथा नरवाना में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। जीद में 13.4 एमएम, सफीदों में आठ एमएम, उचाना में दो एमएम, पिल्लूखेड़ा में आठ एमएम, अलेवा में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण जुलाना की कुछ दुकानों तथा मकानों में पानी घुस गया। सड़कें लबालब भरी नजर आई। इससे चलते लोग काफी परेशान रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम में आर्दता 44 प्रतिशत तथा हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज कि गई। मौसम विभाग के अनुसार 30 मई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान बादलवाई के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान आकाश में बादलवाई भी दिखाई देगी। साथ में कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानाें को सलाह दी है कि किसान कृषि से संबंधित कार्य मौसम को ध्यान में रख कर करें।
तेज हवा के साथ बरसे बदरा, बिजली गुल, तापमान में गिरावट
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम परिवर्तनशील है। मध्यरात्रि के बाद मौसम ने तेजी से करवट ली। आकाश में बादल छा गए। इसके बाद तेज हवा के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हो गया। तापमान में भी तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। दिनभर मौसम सुहाना बना रहा।
बारिश से फसलों को हुआ लाभ
जिन किसानों ने ज्वार, कपास व धान की पनीरी लगाई हुई है, उनको काफी लाभ हुआ है। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी के कारण फसलें झुलस रही थी। अब गर्मी से राहत मिली है, जिससे फसलें झुलस नहीं पाएंगे। इसके अलावा बाजरे की अगेती किस्म लगाने का भी सही समय है। बारिश होने से किसान बाजरा की अगेती किस्म की बिजाई कर सकते हैं।
बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। 30 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। मौसम को देखते हुए नरमा की बिजाई के लिए मौसम के ठीक होने का इंतजार करें।
-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।