नरवाना। नरवाना के पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा पर लगाया गया दुष्कर्म का आरोप जांच में सही नहीं मिला, इसलिए पुलिस ने एफआईआर रद्द कर दी है। उनकी पत्नी व अन्य लोगों को भी पुलिस ने क्लीनचिट दे दी है। रामनिवास सुरजाखेड़ा ने कहा कि राजनीतिक साजिश नाकाम हुई है और सच्चाई की जीत हुई है।
रामनिवास सुरजाखेड़ा, उनकी पत्नी, चालक व एक एमसी पर दस दिन पहले एक महिला ने दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। महिला थाना पुलिस ने पूर्व विधायक समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने मामले की जांच के लिए डीएसपी गीतिक जाखड़ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने अब अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दी है। इसमें महिला के लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि सुरजाखेड़ा के ऊपर पहले ही पंजाब के पातड़ा थाने में मार्च 2024 में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच पंजाब पुलिस ने की थी। वह दोषमुक्त पाए गए थे। पुलिस ने पूरा मामला ब्लैकमेलिंग का बताया था। उसी महिला ने जींद महिला थाना में शिकायत दी थी। मामले की जांच करने पर महिला बार-बार अपने बयान बदल रही थी। वह कभी रामनिवास सुरजाखेड़ा से एमएलए हॉस्टल में मिली बता रही थी, तो कभी उनके आवास पर। ऐसे में पुलिस ने अब रामनिवास सुरजाखेड़ा को क्लीनचिट देते हुए एफआईआर रद्द कर दी है।
विपक्षियों की साजिश का जवाब जनता देगी : रामनिवास
रामनिवास ने कहा उन्होंने पहले ही कहा था कि यह आरोप झूठे हैं और राजनीति से प्रेरित हैं। विपक्षी उनकी छवि खराब करने के लिए ऐसी साजिशें रच रहे हैं, लेकिन कहते हैं न सच की जीत होती है। पुलिस की गठित की गई एसआईटी ने पूरे मामले की जांच की और उन्हें दोषमुक्त पाया है। अब विपक्षियों की साजिश का जवाब जनता खुद देगी।
एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर रद्द कर दी गई है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि महिला ने पंजाब में भी शिकायत दी। उसमें काफी चीजों में भिन्नता पाई गई। महिला बार-बार अपने बयान बदल रही थी। महिला के आरोप सही नहीं मिले हैं, इसलिए एफआईआर रद्द कर दी गई है। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, जींद।
06जेएनडी42 : पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा।