कर्मगढ़ गांव के लोग व स्कूली बच्चे राजकीय माध्यमिक विद्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। सरकार की तबादला नीति के चलते कर्मगढ़ गांव का पूरा स्कूल ही अध्यापकों से खाली हो गया। स्कूल पहुंचे ग्रामीणों ने बच्चों को साथ लेकर स्कूल के बाहर ही धरना शुरू कर दिया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक स्कूल में पूरा स्टाफ नहीं आ जाता तब तक यह धरना जारी रहेगा। सोमवार से स्कूल के बाहर ही गांव के पढ़े-लिखे युवक-युवतियां बच्चों को पढ़ाएंगे।
भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य सचिव नरेश दनौदा ने बताया कि सरकार अपनी सार्वजनिक शिक्षा की जिम्मेदारी से भाग रही है और एक-एक करके अलग-अलग बहाने बनाकर सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन प्रदेश में खड़ा होने जा रहा है। नौजवान सभा किसी भी हालत में सरकार की सार्वजनिक शिक्षा को बर्बाद करने की बदनीयत को कामयाब नहीं होने देगी। संयुक्त किसान मोर्चा नरवाना के संयोजक और किसान सभा के नेता मास्टर बलबीर सिंह ने धरने को जायज बताते हुए सभी मांगों का समर्थन किया और किसानों की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। धरने का संचालन विरेंद्र सिंह व अनिता कर्मगढ़ ने किया। इसकी अध्यक्षता भरपाई देवी ने की। इस मौके पर किसान नेता रामचंद्र दनौदा, डिंपल, दलबीर, सूरत सिंह, वीरेंद्र, कुलदीप किठाना भी मौजूद रहे।