उचाना (जींद)। जजपा प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला के चौ. बीरेंद्र सिंह से राजनीति के अखाड़े में दो-दो हाथ करने के बयान पर पूर्व विधायक प्रेमलता सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय चौटाला के बयान में बचपना नजर आता है। वे तो अपने पिता की उम्र से बड़े चौ. बीरेंद्र सिंह को चैलेंज कर रहे हैं। इससे बयान में उनका बचपना झलकता है।
प्रेमलता सिंह ने कहा कि उचाना हलका हमारा परिवार है, यहां के लोगों से जो रिश्ता है वो खून के रिश्ते से भी बढ़कर है। जिस मुकाम पर आज हम हैं, वो उचाना की देन है। वे उचाना मंडी में विकास मोर छातर के निवास पर पहुंची थीं। प्रेमलता सिंह ने कहा कि बीती सरकार में विधायक रहते हुए जो काम शुरू करवाए थे वो काम सिरे नहीं चढ़े है। बीते चुनाव में मिली हार से हलके को नुकसान हुआ है। विस चुनाव से पहले जो उचाना कलां का बाईपास बनना है, उसका शिलान्यास सीएम मनोहर लाल द्वारा किया गया। बाईपास निर्माण को लेकर राशि भी आई लेकिन उस समय हुए विस चुनाव में वो हार गई। चार साल हो चुके हैं, इसका निर्माण तो दूर की बात आज तक टेंडर तक नहीं हुआ है।
बीते विस चुनाव में उचाना वालों के दिमाग में ज्यादा ही दुष्यंत का प्रभाव रहा, जिसकी वजह से चुनाव वो हार गई। पूर्व विधायक ने कहा कि जो गांव में महिला चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, उनका नाम अब सखी, सहेली मिलन कार्यक्रम रखा जाएगा। महिलाओं में इस तरह के कार्यक्रमों को लेकर उत्साह है। अब तक पेगां, डाहोला, अलेवा, चुहड़पुर में ये कार्यक्रम वो कर चुकी हैं। हर वर्ग की महिलाएं उत्साह के साथ हिस्सा ले रही हैं। महिलाएं ये नहीं पूछ रही थीं कि किस पार्टी से चुनाव लड़ोगे बल्कि वो ये कह रही थीं कि इस बार आपको जिताएंगे। इस मौके पर हरेंद्र सिंह, संजीव डूमरखां, सुरेंद्र गर्ग, विनोद श्योकंद, रामनिवास खरक मौजूद रहे।