18जेएनडी09: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेते हुए अधिकारी। स्रोत प्रशासन
जींद। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुजारी, मौलवी, हलवाई, टेंट, मैरिज गार्डन, बैंड, होटल, ब्यूटी पार्लर, प्रिंटिंग प्रेस वालों की जिला, ब्लॉक स्तर पर बैठक कर उन्हें आदेश दें कि किसी भी सूरत में बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे 15 से 18 वर्ष के ऐसे बच्चों का डाटा एकत्रित करें, जिन्होंने स्कूल से किसी भी कारणवश ड्रापआउट किया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के बाल विवाह से जुड़े संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की पंचायत में भी बाल विवाह रोकथाम को लेकर कार्यक्रम प्रस्तुत करें और इनमें गांव के मेंबर, स्कूल टीचर व अन्य को शामिल किया जाए। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुजाता ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन को बताया कि जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर हर प्रकार की गतिविधियां निरंतर चलाई जा रही हैं। आमजन को भी इस बारे जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकथाम को लेकर पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिष्ठित लोगों के साथ बैठक की जाएगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र, इंस्पेक्टर नीलम व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
18जेएनडी09: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेते हुए अधिकारी। स्रोत प्रशासन