जींद। शहर में मुख्य सड़कों पर ही सीवर के मैनहॉल के ढक्कन कहीं ऊंचे हैं तो कहीं नीचे। इससे सड़क हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन इनको ठीक करने का प्रयास तक नहीं कर रहा। दो महीने पहले रोड सेफ्टी की बैठक में डीसी ने अधिकारियों को सड़क व मैनहोल के ढक्कनों का लेवल ठीक करने के निर्देश दिए थे लेकिन डीसी के आदेशों के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इन ऊंचे-नीचे ढक्कनों के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। खासकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह ढक्कन काफी खतरनाक साबित हो रहे हैं।
शहर के मुख्य गोहाना रोड, भिवानी रोड, रोहतक रोड पर कई स्थानों पर सीवरेज के मैनहोल के ढक्कन कहीं सड़क से ऊंचे हैं तो कहीं नीचे। इसके अलावा इन ढक्कनों के आसपास गड्ढे बने हुए हैं। बाइक चालक इन ढक्कनों के कारण गिरकर घायल हो रहे हैं। जुलाई महीने में हुई रोड सेफ्टी की बैठक में डीसी के समक्ष सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इन ढक्कनों का लेवल सही नहीं होना हादसों का कारण बताया। बावजूद इसके आज तक इन ढक्कनों का लेवल सही नहीं किया गया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि उसने ढक्कनों को सही करवा दिया है।
पिछले एक महीने में तीन बाइक सवार हो चुके हैं चोटिल
इन ढक्कनों का लेवल सही नहीं होने के कारण पिछले एक महीने में तीन बाइक सवार गिरकर यहां पर चोटिल हो चुके हैं। छह अगस्त को गांव खेड़ी मसानिया कर्मवीर की बाइक अचानक ढक्कन के कारण फिसल गई थी। 13 अगस्त को गांव शाहपुर निवासी मनोज कुमार की बाइक यहां से तेज गति से गुजर रही थी तो अचानक ढक्कन के पास गड्ढा देखकर उसने ब्रेक लगा दिए और उसकी बाइक गिर गई। इस कारण मनोज कुमार को मामूली चोट आई लेकिन उसकी बाइक को काफी नुकसान हुआ। बुधवार को भी राम कॉलोनी निवासी जतिन यहां गिरकर घायल हो गया।
रात के समय ज्यादा दिक्कत
रात के समय बाइक सवारों को ज्यादा दिक्कत होती है। रात के समय या तो बाइक चालक को मैनहोल के ऊंचे नीचे ढक्कन दिखाई नहीं देते या फिर एकदम दिखाई देने से ब्रेक लगाने पड़ते हैं और वह गिर जाते हैं। गोहाना रोड पर सबसे ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है। इसलिए यहां से वाहन चालक काफी तेज भी चलते हैं।
शहर के कई मार्गों पर सीवरेज के ढक्कनों का सड़क के बराबर लेवल करवा दिया है। शहर में कोई सीवरेज के ढक्कन का का लेवल अब गलत नहीं है। यदि फिर भी कोई समस्या रह गई तो उसको ठीक करवा दिया जाएगा।
-दलबीर सिंह, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।