जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में रविवार को छुट्टी के बावजूद लगातार दूसरे दिन भी भारी संख्या में ग्रुप डी में चयनित अभ्यर्थी नौकरी के लिए जरूरी मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे। यहां फीस कटवाने से लेकर चिकित्सा अधिकारियों के हस्ताक्षर करवाने तक लंबी लाइन लगी रही। पूरा दिन अस्पताल में अफरा-तफरी भरा माहौल रहा। काफी संख्या में युवा कभी इस कमरे की तरफ तो कभी उस कमरे की तरफ आते-जाते देखे गए। शाम 7 बजे तक चिकित्सकों ने युवाओं का शारीरिक परीक्षण किया और उनके मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए। रविवार को मेडिकल के लिए पूरा पैनल बैठा रहा और मेडिकल बोर्ड ने अभ्यार्थियों का शारीरिक परीक्षण किया। खुद सिविल सर्जन डाॅ. गोपाल गोयल भी शाम 7 बजे तक प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करते रहे। रविवार को 400 से अधिक युवाओं के मेडिकल हुए। दो दिन में अब तक 600 से ज्यादा युवाओं के मेडिकल हो चुके हैं। जिले के एक हजार से ज्यादा युवाओं के मेडिकल होने हैं।
नागरिक अस्पताल के एक्स-रे व ईसीजी कक्ष के बाहर ग्रुप डी में चयनित अभ्यर्थी धक्कामुक्की करते रहे। इसके बाद दंत चिकित्सकों के कमरों के बाहर भी लंबी लाइनें रहीं। चयनित अभ्यार्थियों की धक्कामुक्की को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्वयं कमान संभाली और शांति से मेडिकल प्रक्रिया पूरा करवाने के दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि सबसे पहले ओपीडी के स्लिप कटवानी होती है। इसके बाद फिजिशियन रक्त जांच, यूरिन टेस्ट लिखता है। लैब में चयनित अभ्यर्थी को सैंपल देने होते हैं। सैंपल देने के बाद ईएनटी, नेत्र चिकित्सक, सर्जन से मेडिकल जांच करवाता है। सैंपल रिपोर्ट के बाद फिर फिजिशियन रिपोर्ट देता है। सभी चिकित्सकों के हस्ताक्षर के बाद डिप्टी एमएस व फिर सीएमओ हस्ताक्षर करते हैं। रिकॉर्ड दर्ज करने के बाद मेडिकल की प्रति आवेदक को दे दी जाती है।
ओपीडी की छुट्टी होने के चलते ज्यादा नहीं हुई परेशानी
रविवार को छुट्टी होने के चलते नागरिक अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवाएं ही बहाल थीं, जबकि जनरल ओपीडी नहीं थी। इसके चलते चिकित्सकों को कुछ राहत थी और उन्हें केवल मेडिकल ही करना था। चयनित अभ्यार्थियों ने मेडिकल संबंधित रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवा कर रक्त की जांच, ईसीजी तथा एक्सरे करवाएं। सभी रिपोर्ट लेकर पहले फिजिशियन के पास गए। फिर इसके बाद सर्जन, ईएनटी तथा आंखों की जांच हुई, जबकि महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला चिकित्सक ने की। इसके बाद नागरिक अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर हुए और अंतिम हस्ताक्षर सिविल सर्जन ने किए।
उन्होंने खुद 7 बजे के बाद तक हस्ताक्षर किए हैं, ताकि युवाओं के जल्द मेडिकल पूरा हो। रविवार को सभी युवाओं के प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएंगे। दो दिन से लगातार युवाओं का शारीरिक परीक्षण करके उनके प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। चिकित्सकों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। अब तक 600 से ज्यादा युवाओं के मेडिकल हो चुके हैं। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, जींद।