शहर के अंदर से बसों के संचालन के विरोध में चल रही हड़ताल शुक्रवार देर रात ऑटो चालकों की रोडवेज जीएम, डीटीओ व प्राइवेट बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद समाप्त हो गई। सहमति के अनुसार शहर में सुबह दस बजे तक व इसके बाद दोपहर दो से शाम चार बजे तक बस शहर के अंदर से चलेंगी। वहीं चंडीगढ़ व पटियाला जैसे लंबे रूट पर चलने वाली बसें फ्लाईओवर से चलेंगी।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि सुबह दस बजे तक सभी विद्यार्थी कालेज व कोचिंग सेंटरों में आ जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सुबह दस बजे तक नरवाना, असंध व नरवाना रूट पर चलने वाली बसें शहर के अंदर से चलेंगी। वहीं दोपहर दो बजे से लेकर शाम चार बजे तक शिक्षण संस्थानों की छुट्टी होती है इस दौरान भी बसें शहर के अंदर से ही चलेंगी जिससे विद्यार्थी आसानी से अपने घर जा सके। इसके अलावा हांसी, हिसार व बरवाला रूट पर चलने वाली बस पूरे दिन शहर के अंदर से चलेंगी।
शहर के अंदर बस बंद होने पर विद्यार्थियों से लिया जाएगा दस रुपये किराया
ऑटो यूनियन के जिला प्रधान मनजीत रेढू ने बताया कि जब प्रशासन शहर के अंदर से बसों का संचालन बंद करेगा तो आटो चालक विद्यार्थियों से शिक्षण संस्थानों तक 20 की बजाए दस रुपये किराया लेंगे। अगर बस शहर के अंदर चलती रही तो विद्यार्थियों से 20 रुपये ही किराया वसूला जाएगा।
सुबह दस बजे तक व दोपहर दो से चार बजे तक बस चलेंगी शहर के अंदर से
शुक्रवार देर रात आटो चालकों व डीटीओ के साथ बैठक हुई थी। इसमें सहमति बनी है कि सुबह दस बजे तक व दोपहर दो बजे से लेकर चार बजे तक बस शहर के अंदर से चलेंगी। लंबे रूट पर चलने वाली बसें फ्लाईओवर से चलेंगी। इससे विद्यार्थियों को भी सुविधा रहेगी।
-अशोक कौशिक, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।