जींद। रात को हुई हल्की बारिश ने शहर में खस्ताहाल सड़कों की पोल खोल दी। सड़क के गड्ढों में पानी भरने से दिनभर वाहन गुजरते रहे। इससे लोगों को मुश्किलों को सामना करना पड़ा।
जींद में 8.2 एमएम बारिश हुई जबकि नरवाना में केवल दो एमएम हुई। जिले में बहुत कम बारिश हुई, इसके बावजूद टूटी सड़कों व गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। शहर में कई स्थानों पर पानी खड़ा होने से कीचड़ जैसी स्थिति बन गई। खासकर रोहतक रोड, भिवानी रोड तथा एलआईसी की तरफ जाने वाले रास्ते पर लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नई सब्जीमंडी मोड़ पर भी गहरे गड्ढे होने के कारण लोगों को दिक्कत हुई। मंगलवार को भी दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली और बारिश के आसार बन गए। बारिश के बाद मंगलवार को हवा की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 नवंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
अलेवा, पिल्लूखेड़ा, उचाना, सफीदों तथा जुलाना में बूंदाबांदी हुई। गेहूं की अगेती फसल के लिए यह बारिश अमृत के समान है जबकि पछेती फसल बारिश से प्रभावित होगी। जिन किसानों ने अभी तक गेहूं की बिजाई नहीं की है, उनका कार्य एक-दो दिन के लिए बाधित हो गया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति छह किलोमीटर प्रति घंटा व हवा में नमी की मात्रा 66 प्रतिशत रही। वहीं वायु प्रदूषण में भी सुधार हुआ और एक्यूआई 143 दर्ज किया गया।
30 नवंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। जिन फसलों की बिजाई 35-40 दिन हो चुके हैं, उन फसलों में पहली सिंचाई करें। गेहूं बिजाई का समय चला हुआ है। विशेषज्ञों से राय लेकर गेहूं किस्म की बिजाई करें। एक-दो दिन में तापमान में कुछ और गिरावट आएगी।
डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।