21जेएनडी22-विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए। स्रोत संस्थान
नरवाना। केएम राजकीय महाविद्यालय में गुरु तेग बहादुर और अन्य वीर बलिदानियों की स्मृति में व्याख्यान आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता जयपाल सिंह आर्य ने वैदिक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि 712 ईस्वी से लेकर स्वतंत्रता तक करोड़ों वीरों ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए बलिदान दिए। 1669 में औरंगजेब द्वारा जारी फरमानों के दौरान उत्तर भारत में अत्याचार चरम पर थे। कश्मीरी पंडितों के आग्रह पर गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। 24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में शहीदी दिवस इतिहास में अमिट है। कार्यक्रम में प्रो. शैलेंद्र नैन, अनुपम, डॉ. सुमन मौजूद रही।