जींद। जिला परिषद की ओर से साढ़े 6 करोड़ रुपये का बजट वितरित करने के लिए मंगलवार को बुलाई गई बैठक चौथी बार भी रद्द हो गई। पहली तीन बैठकों में प्रधान पक्ष का कोरम पूरा नहीं होने के कारण ग्रांट नहीं बंट सकती थी तो इस बाद जिला परिषद की सीईओ ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर बैठक रद्द कर दी। बैठक में जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा की तरफ से पूरे पार्षद मौजूद थे। सभी पार्षदों से बात कर अब जिला परिषद की दोबारा से तारीख रखी जाएगी।
पहले तीन बार रद्द हुई बैठकों की वजह से जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा इस बार ग्रांट वितरण कर जिले का विकास करने के लिए पूरे कोरम के साथ बैठक में पहुंची थीं। इस बार 14 पार्षद व पांच ब्लॉक समिति के सदस्य बैठक में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन सीईओ डॉ. किरण ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर बैठक को रद्द कर दिया। इसके चलते सभी पार्षद व ब्लॉक समिति के चेयरमैन जिला परिषद चेयरपर्सन के कार्यालय में बैठकर आगामी तारीख के लिए विचार-विमर्श किया। जिला परिषद हाउस में पहले सदस्यों की संख्या 41 थी। वार्ड 7 से पार्षद अंग्रेज सिंह के निलंबित होने के बाद संख्या 40 रह गई है। इसमें चेयरपर्सन सहित 24 जिला पार्षद, 8 ब्लॉक समिति प्रधान, पांच विधायक और तीन सांसद हैं।
महीने में बुलाई थी चौथी बैठक
जिला परिषद की पहली बैठक 28 जून को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों के चलते यह बैठक रद्द हो गई थी। दूसरी बैठक 12 जुलाई को नहीं हो पाई। 15 जुलाई को तीसरी बार बुलाई बैठक में 50 प्रतिशत यानी 40 में से 20 सदस्यों का बैठक में उपस्थित होना जरूरी था, लेकिन चेयरपर्सन मनीषा रंधावा सहित 14 पार्षद और पांच ब्लॉक समिति प्रधान ही पहुंचे थे। उस समय बैठक में ग्रांट वितरण करने के लिए एक सदस्य कम था। सदस्यों की संख्या पूरी नहीं होने के कारण जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण सिंह ने बैठक को रद्द कर दिया था।
बैठक में सांसद और विधायक नहीं हो रहे शामिल
जिले के विकास के लिए सत्तासीन व विपक्ष की पार्टियों के सांसद व विधायक हैं। जिले में पांच विधायक व तीन सांसद हैं। इनमें से किसी को भी जिले के विकास की चिंता नहीं है। यही कारण है कि जिला परिषद का बजट पिछली चार बैठकों के कारण वितरित नहीं हो सका। जिले में एक भाजपा का विधायक जींद से है। इसके अलावा तीन विधायक जजपा के हैं। वहीं एक विधायक व तीन सांसद कांग्रेस से हैं। जिला परिषद की ग्रांट का वितरण करवाकर गांवों में विकास के कार्य करवाने में कोई विधायक व सांसद रुचि नहीं दिखा रहा। यह सांसद न तो चेयरपर्सन के पक्ष में आ रहे और न ही विपक्ष के साथ। जिसके चलते जिले के पांच विधायक व तीन सांसद लगातार जिला परिषद की बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं।
जिला परिषद की ग्रांट वितरण के लिए 19 सदस्य बैठक में पहुंचे थे। ग्रांट वितरण के लिए उनके पास बहुमत था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से बैठक को रद्द करने का पत्र उनको मिला। सभी सदस्यों से बातचीत कर ग्रांट वितरण के लिए आगामी तारीख निर्धारित की जाएगी। -मनीषा रंधावा, जिला परिषद चेयरपर्सन।
30जेएनडी11: जिला परिषद चेयरपर्सन के पक्ष में ग्रांट वितरण करवाने के लिए पहुंचे पार्षद। संवाद