संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। लघु सचिवालय सभागार में मंगलवार को हुई रोड सेफ्टी की बैठक में सबसे अधिक दुर्घटनाएं होने वाले स्थानों को चिन्हित कर उनके कारणों का पता लगाने के डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए। सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं सफीदों, रोहतक, असंध व भिवानी रोड पर हो रही हैं। इन स्थानों पर 2021 में 21 तथा 2022 में 31 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। वही इन सड़क दुर्घटनाओं में 2021 में 12 तथा 2022 में 27 लोगों की मौत हो चुकी है।
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इनके कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए। सड़क जाम से मुक्ति दिलाने के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए सड़क पर खराब होनेे वाले वाहनों के लिए नगर परिषद की टो-वैन निर्धारित राशि पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे शहर में जाम लगने की स्थिति में सुधार होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को कहा कि गांव से निकलने वाले नेशनल हाईवे के साथ-साथ नाले/ड्रेन तो बना देते हो, लेकिन गंदे पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं करते। भविष्य में ऐसी व्यवस्था की जाए कि पानी किसी भी सूरत में नेशनल हाईवे पर खड़ा नहीं होना चाहिए, तुरंत उसकी निकासी होनी चाहिए। उन्होंने गोहाना रोड पर सड़क के बीच में बने मैनहॉलों का लेवल ठीक करने के भी आदेश दिए। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि वह राज्य सड़कों के साथ-साथ नेशनल हाईवे पर अपने आप अनावश्यक रूप से ब्रेकर नहीं बनाएं,ऐसा होने पर कानूनन कार्रवाई अमल में लाने का भी प्रावधान है। उन्होंने आरटीए को इस कार्य का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने जींद-सफीदों सड़क मार्ग पर चिन्हित किए गए सभी प्वाइंटों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए, जहां पर सड़क दुर्घटनाएं होने का अंदेशा अधिक है। नगूरां के पास सड़क पर खेतों से आने वाले पानी का समाधान करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त ने जामनी से पिल्लूखेडा रोड, सफीदों के खानसर चौक, नगूरां-हसनपुर रोड़ पर सांकेतिक चिह्न, असंध रोड से जीवनपुर गंाव में जाने वाली सड़क पर लगे कट को ठीक करने तथा अन्य दुर्घटना आशंकित चिह्नित सड़कों को ठीक के निर्देश दिए।