जींद। रोहतक पीजीआई में नर्सिंग भर्ती के दौरान हुई मारपीट के मामले में जिले की ब्राह्मण सभा आप के पूर्व नेता नवीन जयहिंद के पक्ष में आ गई है। सफीदों रोड स्थित धर्मशाला में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ब्राह्मण सभा के प्रधान सियाराम शास्त्री ने कहा कि नवीन जयहिंद ने किसानों के बच्चों की पीड़ा का हल कराने की कोशिश की थी। उनकी रिहाई के लिए ब्राह्मण समाज 26 बिरादरी को साथ लेकर 21 दिसंबर को शहर में प्रदर्शन करेगा।
शास्त्री ने कहा कि नर्सिंग भर्ती के दौरान जो मामला हुआ उसे सरकार ने निपटाने की जगह बड़ा कर दिया। यदि दो के बीच झगड़ा है तो फिर एक तरफा कार्रवाई क्यों। अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारी को क्यों छोड़ा गया। यदि सरकार चाहती तो उस समय भाईचारे से निपटा सकती थी लेकिन सरकार ने नवीन जयहिंद के खिलाफ कार्रवाई कर अंदर भिजवा दिया। इसके विरोध में ब्राह्मण समाज 36 बिरादरी को साथ लेकर 21 दिसंबर को जींद शहर में जिला स्तरीय प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन रानी तालाब से शुरू होगा और डीसी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा जाएगा। इस प्रदर्शन में नवीन जयहिंद की रिहाई की मांग की जाएगी और वहीं दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की आवाज भी बुलंद की जाएगी। कहा कि यदि ब्राह्मण समाज को गिरफ्तारी देने की जरूरत पड़ी तो वह पीछे नहीं हटेगा।
कहा कि ब्राह्मण समाज अगले साल फरवरी-मार्च में भी एकजुट होगा। समाज को एकजुट कर राजनीतिक चर्चा भी होगी। प्रदेश सरकार की मंशा साफ नहीं है। करनाल में परशुराम महाकुंभ के दौरान समाज के लोगों को बुलाकर केवल ठगने का काम किया गया है। ब्राह्मण समाज ने भाजपा का साथ देने के दौरान सोचा था कि अपना चमन होगा, अपना गगन होगा, अपनी हवा होगी, किंतु आज मान-सम्मान की बजाय ठगी मिलने से ब्राह्मण बेहद दुखी हैं। इसलिए ब्राह्मण इस बार ऐसा निशाना साधेगा कि भविष्य में कोई भी समाज से ठगी करने से पहले सौ बार सोचेगा। उन्होंने कहा कि ऋषियों की संतान होने के कारण ब्राह्मण समाज 36 बिरादरी को मान-सम्मान देते हुए सदैव साथ लेकर चलता है, लेकिन सरकार ब्राह्मणों को प्रताड़ित करने का सिलसिला चलाये हुए है।
इस अवसर पर उचाना प्रधान ऋषिराम कौशिक, जुलाना प्रधान ओमप्रकाश शर्मा, उपप्रधान ओमनारायण शास्त्री, महावीर शर्मा, बलवान भारद्वाज, रामफल पेगां, लेखराज गौतम, देवीचंद शर्मा, तेलूराम शर्मा, सूरज भान शर्मा, राममेहर, उमेश शर्मा, श्रीराम वत्स मौजूद रहे।