संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में पहले बड़ी और अब अधिक लोड के चलते क्षय रोग केंद्र में रखी छोटी एक्स-रे मशीन में शॉर्ट-सर्किट से खराब हो गई। इसके चलते मरीजों को एक्सरे कराने के लिए भटकना पड़ रहा हे। मरीजों को निजी अस्पतालों में अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक एक्स-रे नि:शुल्क किए जाते हैं। एक्स-रे के लिए अस्पताल के दो मशीनें उपलब्ध हैं। एक मशीन को नई बिल्डिंग तथा दूसरी छोटी मशीन को क्षय रोग विभाग की बिल्डिंग में रखवाया गया है। पिछले 10 दिन पहले नई बिल्डिंग में रखी एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है। जिसके चलते एक्स-रे का सारा लोड क्षय रोग विभाग की बिल्डिंग में रखी छोटी मशीन पर पड़ गया। जैसे-तैसे लोगों के यहां एक्स-रे किए जा रहे थे लेकिन यहां भी मशीन जवाब दे गई जिसके चलते बुधवार को एक्स-रे करवाने आए लोगों के एक्स-रे नहीं हो पाए और उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पडा।
विभिन्न नौकरियों के मेडिकल के लिए एक्स-रे अनिवार्य है। ऐसे में मेडिकल करवाने के लिए आवेदक का एक्स-रे लिया जाता है। कई बार तो प्रतिदिन एक्स-रे की संख्या 250 से पार भी हो जाती है। हालांकि इस समय नौकरियों के लिए किसी तरह के मेडिकल न होने के चलते अस्पताल प्रशासन को कोई असुविधा नहीं हुई। दोनों एक्स-रे मशीनें खराब होने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों व तीमारदारों को उठानी पड़ी। निजी अस्पतालों में मरीजों को एक्सरे के लिए 400 से 500 रुपये तक देने पड़ते हैं।
बॉक्स
दोनों एक्स-रे मशीन खराब हो गई हैं। मशीनों की मरम्मत के लिए कहा गया है। छोटी एक्स-रे मशीन को ठीक करने के लिए इंजीनियर आ चुके हैं जबकि बड़ी एक्स-रे मशीन को भी शीघ्र ही ठीक करवा दी जाएगी।-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।