फोटो 10जेएनडी29-शिव की प्रतिमा को कंधे पर उठाए शिवभक्त अपने निर्धारित स्थान के लिए जाते हुए। स्
उचाना। शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की सेवा के लिए सड़कों पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए। निर्धारित शिवालयों की ओर पैदल बढ़ रहे शिवभक्तों के कदम पांव में पड़े छालों के बावजूद नहीं रुके। उचाना कलां स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी राजू शर्मा ने बताया कि श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए विभिन्न स्वरूपों की कांवड़ लेकर आते हैं। इनमें खड़ी, बैठी और झूला कांवड़ प्रमुख हैं। निर्धारित समय में बिना रुके गंतव्य तक पहुंचाई जाने वाली कांवड़ को डाक कांवड़ कहा जाता है।