नरवाना। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जोगिंदर घासीराम नैन और महासचिव जियालाल ने कहा कि सरसों की खरीद सरकार बंद न करे। किसान की फसल मंडी में तोल होते ही किसानों की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है वह गेहूं या दूसरी फसल खरीदने वाले की हो जाती है। लिफ्टिंग तुरंत की जानी चाहिए यह सरकार की जिम्मेदारी है। किसान का पैसा खाते में तोल के 24 घंटे के अंदर भेजा जाए ताकि किसानों ने बिक्री के दिन से आगे का ब्याज न देना पड़े घटती का किसान कोई जिम्मेदार नहीं हैं। मंडी में लिफ्टिंग माल के हिसाब से संसाधनों को बढा कर जल्दी की जाए क्योंकि महीने भर खुले में पड़ी गेहूं की चोरी आगजनी बरसात से नुक्सान होता है इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है। किसान घटती का कोई जिम्मेदार नहीं हैं। जितने दिन गेहूं खुले में पड़ी रहने पर आढती पर सरकार घटती लगाती है जो गलत है। लिफ्टिंग अगर ढिली होती है तो मजदूरों पर भी असर पड़ता है जो काम दस दिन में होना होता वही काम सरकार की वजह से महीने में होता है। इस हिसाब से मजदूर 20 दिन बिना काम के रहा। सारा दिन बिना काम के रोटी खा कर वापस बिना कुछ लिए घर आ जाता है। कैथल मंडी में सरकारी खरीद का समय 30 अप्रैल तक ही निर्धारित किया गया था।