05जेएनडी76 : मतदान के चलते सुबह के समय ही सब्जीमंडी बंद दिखाई देती। संवाद
जींद। शारदीय नवरात्र में फलों के और फलों के भाव में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। सीजन के फल होने के बाद भी दामों में इजाफा होने के पीछे डिमांड ज्यादा होना माना जा रहा है। नवरात्र रखने वालों के लिए फल खरीदना मजबूरी है। नवरात्रों से पहले 50 से 60 रुपये बिकने वाला केला 90 से 100 रुपये प्रति दर्जन पहुंच गया है। तीन दिन पहले 60 से 70 रुपये बिकने वाली सेब भी 100 से 120 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। नवरात्रों में सबसे ज्यादा दोनों फलों को प्रयोग किया जाता है। तीन दिन पहले 20 से 30 रुपये में बिकने वाला आलू 40 से 50 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। टमाटर फिर से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। मिर्च भी 80 रुपये किलो तक जा पहुंची है। खीरा भी 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। जबकि फूल गोभी को 120 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। जबकि हरा धनिया पहले 200 रुपये पार पहले चल रहा है।
व्रत रखने वाले व्यक्ति फलाहार का सेवन करते हैं। फलों के साथ-साथ इन दोनों आलू और टमाटर की मांग भी बढ़ जाती है। नवरात्रों में प्रयोग होने वाले सभी फल और सब्जियां इन दिनों अपने सामान्य भाव से 25 से लेकर के 50 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं। ऐसे में केला तथा सेब अब आम आदमी की पहुंच से दूर होता हुआ नजर आ रहा है। 20 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू अब 50 रुपये किलो को पार कर गया है। 70 रुपये प्रति किलो वाला टमाटर 100 को पार कर गया है। इसी प्रकार हरी मिर्च भी 80 रुपये तक पहुंच गई है। नवरात्रों से पहले 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला पपीता अब 60 से 80 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। 200 रुपये किलो वाला अनार 250 रुपये किलो हो गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अब तो नवरात्र चले हुए हैं। त्योहार पर सब्जियों का यही हाल होता है। अब नवरात्रों में फलाहार, आलू, टमाटर, हरी मिर्च का ज्यादा प्रयोग होता है। अब उनके दाम बढ़े हुए हैं। व्रत रखने वाला दिन में फलाहार जरूर लेता है। इसमें केला या सेब शामिल है।
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