भारतीय किसान यूनियन की गुरुवार को हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में हुई बैठक में 19 नवंबर को विजय दिवस मनाने और किसान संयुक्त मोर्चा भारत के आह्वान पर 26 नवंबर को सभी प्रदेशों में वहां के राज्यपाल का घेराव कर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। भाकियू के पदाधिकारियों ने कहा कि इस दौरान पराली जलाने के मामले में निलंबित नंबरदारों को बहाल करने और किसानों पर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने की मांग की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासीराम नैन ने की। इस दौरान जोगिंद्र घासीराम नैन ने कहा कि पराली जलाने पर नंबरदारों को निलंबित किया जा रहा है और किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। इसको तुरंत बंद किया जाए। इसके अलावा किसानों पर लगे जुर्माना को वापस लिया जाए क्योंकि सरकार ने समय से पराली का कोई प्रबंधन नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट ने भी किसानों को प्रदूषण का कारण छह प्रतिशत माना है। इसलिए तुरंत जुर्माना वापस लिया जाए। नंबरदारों को बहाल किया जाए। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन हरियाणा नंबरदारों और किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड के दोषी मंत्री अजय मिश्र टैनी और उनके पुत्र को सजा दी जाए। एमएसपी पर कानून बना कर फसल की खरीद की गारंटी दी जाए।
कहा कि 19 नवंबर को विजय दिवस मनाया जाएगा क्योंकि इस दिन प्रधानमंत्री ने तीन कृषि कानूनों को गलती मान कर वापस लिए थे। किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे केंद्र सरकार ने 24 सितंबर 2020 से वर्ष 2021 तक के रेलवे और अन्य मामले वापस लिए हैं। इस अवसर पर महासचिव जियालाल, पूर्व सरपंच गंगा सिंह नैन जुलेहड़ा, जिला प्रधान रिच्छपाल नैन, बाबा संतोख सिंह रसीदां, कंडेला खाप प्रधान ओमप्रकाश, दलबीर सिंह कंडेला, पूर्व जिला प्रधान रामकुमार मौजूद रहे।
गुलकनी गांव में किसान शहीद स्मारक पर मनेगा विजय दिवस
भारतीय किसान यूनियन गांव गुलकनी स्थित बस अड्डे के नजदीग किसान शहीद स्मारक पर 19 नवंबर को विजय दिवस मनाएगी। ये जानकारी भाकियू के जिला प्रवक्ता राजराजी ढुल पोंकरी खेड़ी ने दी। उन्होंने बताया कि सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
गुलकनी गांव में किसान शहीद स्मारक का फोटो।
उन्होंने बताया कि 14 नवंबर को दिल्ली स्थित रकाबगंज गुरुद्वारा में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित की गई बैठक में विजय दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। इस कार्यक्रम में मोर्चा से जुड़े सभी किसान संगठन शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर 2021 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी। इसको लेकर संयुक्त मोर्चा के आहवान पर देश भर में विजय दिवस मनाने का यह फैसला लिया गया है।
विजय दिवस को लेकर किसानों मजदूरों में भारी उत्साह है। इसको लेकर देशभर में बैठकों का आयोजन कर विजय दिवस को सफल बनाने की रणनीतियां तय की जा रही है। ढुल ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन की जिला कार्यकारिणी ने विजय दिवस की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। गुलकनी गांव के बस अड्डे के पास स्थित किसान शहीद स्मारक पर शनिवार सुबह 11 बजे से विजय दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने सभी किसानों से विजय दिवस में शामिल होने का आह्वान किया।