जींद। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर रविवार को गन्ना उत्पादक किसानों ने गन्ने का भाव 450 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग को लेकर जींद सहकारी चीनी मिल के बाहर जींद-नरवाना नेशनल हाईवे पर धरना दिया और एक घंटे के लिए जींद-नरवाना नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के जाम को देखते हुए पुलिसबल को तैनात किया गया था। किसानों ने एक घंटे बाद जाम खोल दिया। धरना समाप्त होने के बाद भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी किसी तरह का ज्ञापन दिए बिना घर लौट गए।
भाकियू द्वारा रविवार को जाम लगाने की सूचना पुलिस प्रशासन के पास पहले से थी। इसके चलते पुलिस ने दोपहर 12 से एक बजे तक सारा ट्रैफिक दूसरे मार्गों से डायवर्ट कर दिया था। जींद सहकारी चीनी मिल के बाहर वाहनों की लंबी लाइन नहीं लगी। गौरतलब है कि प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में गन्ना पेराई का नया सत्र शुरू होने के बाद अब तक भी सरकार ने गन्ने का रेट घोषित नहीं किया है। भाकियू ने पानीपत में बैठक कर पिछले दिनों फैसला लिया था कि गन्ना उत्पादक किसानों को 450 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिलवाने के लिए 25 दिसंबर को प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों के बाहर धरना दिया जाएगा। एक घंटे तक रास्ता भी रोका जाएगा। इस फैसले के तहत रविवार को भाकियू के जिला प्रधान बारूराम और छज्जू राम कंडेला की अध्यक्षता में किसान जींद सहकारी चीनी मिल के बाहर जमा हुए। किसानों ने जींद सहकारी चीनी मिल के बाहर जींद-नरवाना नेशनल हाईवे पर धरना देकर एक घंटे तक रास्ता रोका। भारतीय यूनियन नेताओं ने मांग की कि प्रदेश सरकार गन्ने का खरीद मूल्य 450 रुपए प्रति क्विंटल तुरंत प्रभाव से घोषित करे। ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।