अलेवा। जींद-कैथल रोड पर स्थित नगूरां गांव में सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर तालाब का सुंदरीकरण तो कर दिया, लेकिन तालाब के किनारों पर छोड़े गए गहरे हौद पर ढक्कन लगाने की जहमत नहीं उठाई। इसके कारण गहरे हौद पशुओं तथा छोटे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। आए दिन पशु तथा छोटे बच्चे उक्त खुले पड़े गहरे हौद में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को नगूरां गांव में देखने के लिए मिला। इसमें नगूरां निवासी नरेश की पिछले दो दिन से लापता भैंस तालाब के किनारे छोड़े गहरे हौद में गिर गई थी।
नगूरां गांव निवासी भूप सिंह, जगबीर, राजपाल, काला, सुरेद्र, सतपाल, नरेश तथा प्रेम ने बताया कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर नगूरां गांव में तालाब का सुंदरीकरण तो कर दिया, लेकिन उसके किनारे पर बनाए गए गहरे हौद को ढक्कन से बंद करना भूल गए। इसके कारण आए दिन उक्त गहरे हौद मेें पशु तथा बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं। उक्त तालाब के पास दो स्कूल होने के बावजूद भी पंचायत विभाग इन पर ढक्कन नहीं लगा रहा है। इससे पंचायत विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ लोगों में रोष है।
पूरा काम करके विभाग को किया हैंडओवर
ठेकेदार बिजेंद्र सिंह ने बताया कि तालाब के सुंदरीकरण के बाद सभी काम पूरे कर संबंधित विभाग को हैंड ओवर कर दिया था। तालाब के साथ लगते गहरे हौद के ढकने के लिए उस समय प्रबंध भी कर दिया था, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक ढक्कन क्यों नहीं रखा, इसकी जानकारी नहीं है।
हौद को ढकने का काम किया जाएगा : जेई
यह काम मेरे से पहले वाले जेई का था। उनका तबादला हो गया है। मामला मेरी जानकारी में नहीं है। जल्द ही तालाब को ढकने का काम करूंगा। -सूरज, जेई, पंचायती राज विभाग।