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Jind News: आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खुद बीमार, कैसे से मिले उपचार

Wed, 03 Apr 2024 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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02जेएनडी07: नगूरां आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पर रोष प्रकट करते ग्रामीण। संवाद
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अलेवा। आयुष विभाग ने नगूरां गांव में डिस्पेंसरी तो खोल दी है, मगर काफी समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। इससे लोग बिना दवा लिए ही लौट रहे हैं। इससे डिस्पेंसरी के आसपास के लोगों में रोष है।
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डिस्पेंसरी में दवा लेने के लिए आए नगूरां निवासी संसार, पवन शर्मा, कृष्ण, मदन सैनी, प्रदीप रोहिला, कुलदीप शर्मा, बलराज, राममेहर ने बताया कि सरकार ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए नगूरां में आयुर्वेद डिस्पेंसरी तो खोल दी, लेकिन स्टाफ की नियुक्ति करना उचित नहीं समझा। नगूरां आयुर्वेद डिस्पेंसरी में काफी समय से चिकित्सक के अलावा फार्मासिस्ट का पद खाली है। उच्च अधिकारियों ने बरसोला डिस्पेंसरी से मंगलवार तथा शुक्रवार को एक आयुर्वेद डाक्टर की ड्यूटी लगाई है पर दूसरे दिनों की बात करें तो डिस्पेंसरी में दवा लेने पहुंचे नगूरां तथा आसपास लगते गांव के लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है।

आयुर्वेद की तरफ बढ़ा रुझान
डिस्पेंसरी में दवा लेने के लिए आए लोगों ने कहा कि आयुर्वेद की तरफ रुझान बढ़ रहा है, लेकिन इनकी डिस्पेंसरियों में स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया जा रहा है। इससे आयुर्वेद का लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ आयर्वेदिक दवाइयां जैसे खांसी, नजला, पेट का अफारे आदि का आयुर्वेद दवाओं में कारगर इलाज है, लेकिन चिकित्सक की कमी से लोग उपचार नहीं करवा पा रहे हैं।
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जल्द ही फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाने की है तैयारी : क्लर्क
आयुर्वेदिक विभाग जींद स्थित कार्यालय की क्लर्क सुदेश ने बताया कि नगूरां आयुर्वेद डिस्पेंसरी मेंं स्टाफ की कमी है। यहां पर मंगलवार तथा शुक्रवार को बरसोला डिस्पेंसरी से एक महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाी गई है। लोगों की मांग के अनुसार बाकी बचे दिनों के लिए एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। हालांकि स्टाफ के लिए पंचकूला स्थित उच्च अथॉरिटी को लिखा गया है पर आचार संहिता लगने के चलते यह काम बीच में रुक गया है।
डिस्पेंसरी से दो दिन ही नगूरां में लगाई ड्यूटी, बाकी चार दिन खाली : डाॅ. मोनिका

आयुर्वेद विभाग की डाॅ. मोनिका ने बताया कि उनकी ड्यूटी बरसोला डिस्पेंसरी पर है, लेकिन विभाग ने दो दिन उनकी ड्यूटी नगूरां डिस्पेंसरी में लगाई है। बाकी के चार दिन नगूरां डिस्पेंसरी बिलकुल खाली है। यहां पर ओपीडी भी प्रतिदिन 60 से 70 के पार रहती है। इसके लिए लोगों को दिक्कत होना स्वाभाविक है।

02जेएनडी07: नगूरां आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पर रोष प्रकट करते ग्रामीण। संवाद

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