जींदयय/अलेवा/। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत आने वाले गांव जाजवान में स्वास्थ्य कर्मियों ने विश्व डेंगू दिवस मनाया। कार्यक्रम में आशा और आंगनबाड़ी वर्कर व ग्रामवासियों ने भाग लिया। एमपीएचडब्ल्यू सुशील शर्मा ग्रामीणों को डेंगू बुखार के कारण, लक्षण एवं बचाव के बारे में जानकारी दी।
इसी तरह बिरौली और किशनपुरा गांव में डेंगू जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ता जितेंद्र सैनी ने बताया कि डेंगू बुखार में तेज बुखार, सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द, आंखों के पिछले भाग में दर्द, भूख कम लगना, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द होना, त्वचा पर लाल रंग के निशान निकलना और उल्टी होना, जी मचलाना लक्षण हैं। डाॅ. शुभम सैनी और नीलम देवी ने लोगों को बताया कि मौसमी बीमारियों से बचने के लिए अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराये में डाॅ. दिशा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरकरामजी में स्वास्थ्य सुपरवाइजर तेजबीर, मनोज व विजेंद्र की अध्यक्षता में राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया। ईक्कस गांव में स्वास्थ्यकर्मी दिनेश, इंदु शर्मा व सुदेश कुमारी ने राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जागरूकता रैली निकाली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालवा के तहत कालवा गांव में जागरूकता अभियान चलाया गया।
अलेवा में स्वास्थ्य विभाग ने नगूरां गांव के गीता निकेतन पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्य सरोज रानी ने की। इसमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने भाग लिया। बच्चों ने हम सबकी जिम्मेदारी, दूर भगानी है डेंगू की बीमारी स्लोगन के साथ रैली निकाली। स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में काटता है। रुके हुए साफ पानी में पैदा होता है। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मचारी संजय, कृष्ण, विनोद, कुलदीप, एएनएम सविता, नवीन, संतोष, सुषमा मौजूद रहीं।
16जेएनडी02: बिरौली गांव में डेंगू जागरूकता अभियान चलाए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत विभाग
16जेएनडी02: बिरौली गांव में डेंगू जागरूकता अभियान चलाए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत विभाग