06जेएनडी13: विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत गर्भवती और धात्री माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक कर
जींद। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत गांव जाजवान में विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर गर्भवती और धात्री माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक किया गया। एमपीएचडब्ल्यू रिनु शर्मा और सुनीता कुमारी ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध नवजात के लिए अमृत के समान होता है। इसलिए जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को मां का पहला दूध अवश्य पिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मस्तिष्क के समुचित विकास में सहायता करने तथा निमोनिया, दस्त और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस दौरान पानी, शहद, घुट्टी या अन्य किसी खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। छह माह बाद पूरक आहार शुरू करते हुए दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। इससे बच्चे का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर होता है तथा कुपोषण का खतरा भी काफी कम हो जाता है। संवाद