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ऑटो रिक्शा संचालकों ने प्रदर्शन कर बसों का शहर के अंदर से संचालन का किया विरोध

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तहसीलदार अजय सैनी को ज्ञापन सौंपते ऑटो और ई-रिक्शा संचालक। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। बसों का शहर के अंदर से आवागमन होने के विरोध में ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों ने विरोध किया। बुधवार को नदी के पास श्री जयंती मंदिर के पास एकत्रित हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने विधायक प्रतिनिधि राजन चिल्लाना को ज्ञापन दिया। उसके बाद वह प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे, जहां उन्होंने तहसीलदार अजय सैनी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर दो दिन के अंदर अमल नहीं हुआ तो वह हड़ताल शुरू कर देंगे। हालांकि ऑटो और ई-रिक्शा यूनियनों ने पिछले दिनों ही किराये में बढ़ोतरी की थी। पटियाला चौक से रेलवे जंक्शन तक 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। कुछ ऑटो और ई-रिक्शा चालक तो शाम होते ही किराये में बढ़ोतरी कर देते हैं।
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बुधवार को हरियाणा प्रदेश आटो रिक्शा कल्याण संघ के बैनर तले आटो और ई-रिक्शा चालकों ने बसों का संचालन शहर के बाहर से करवाने की मांग को लेकर रोष प्रकट किया। इस दौरान जिला प्रधान मनजीत रेढू, रमेश, धीरज, सोनू, सुरेश, विजेंद्र, राजेश, शंकुतला ने कहा कि शहर में जाम को कम करने के लिए नया बस स्टैंड पांडू-पिंडारा बनाया गया था। विभिन्न मार्गों पर जाने के लिए बसों को फ्लाइओवर से निकालना चाहिए, लेकिन बसें अभी भी शहर के अंदर से चल रही हैं। ऐसे में शहर के अंदर अभी भी जाम की स्थिति रहती है। वहीं शहर के अंदर से बस चलने से आटो चालकों को काफी नुकसान हो रहा है। आटो चालकों को शहर में सवारियां नहीं मिलती है। ऐसे में आटो चालकों को अपना जीवन यापन करने में परेशानी हो रही है। आटो चालकों के हित में चाहिए कि बसों को शहर कड बाहर से फ्लाइओवर से संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन के अंदर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह हड़ताल करने पर मजबूर होंगे।
बसों के संचालन को लेकर रही है समस्या
पांडू-पिंडारा के पास बने नए बस स्टैंड से बसों का संचालन मार्च महीने के अंत में शुरू हो गया था। शुरू में बसें शहर के बाहर से ही जा रही थी। ऐसे में पुराना बस स्टैंड और एसडी स्कूल के पास मार्केट के दुकानदरों के साथ-साथ विद्यार्थियों ने भी बसों का संचालन शहर के अंदर से शुरू करवाने की मांग की थी। यात्रियों की सुविधा के लिए जींद डिपो ने सिटी बस सर्विस शुरू की, लेकिन इन बसों में विद्यार्थियों के पास मान्य नहीं थे। ऐसे में विद्यार्थियों ने अप्रैल महीने में प्रदर्शन किया था। इसके बाद जून महीने में नगर परिषद चुनाव के दुकानदरों ने चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। इसके बाद से बसों का संचालन शहर के अंदर से हो रहा है।
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विद्यार्थियों को होगी सबसे ज्यादा परेशानी
फिलहाल शहर के अंदर से नरवाना, हांसी, बरवाला, कैथल व असंध रूट पर चलने वाली बसों का संचालन हो रहा है। जबकि रोहतक, भिवानी, गोहाना, गुरुग्राम, लुधियाना जैसे लंबे रूटों पर चलने वाली बसों का संचालन फ्लाइओवर से होते हुए शहर के बाहर से हो रहा है। नरवाना, हांसी, बरवाला, कैथल और असंध रूट से काफी संख्या में विद्यार्थी शहर के शिक्षण संस्थानो में पढने आते हैं, जो बसों में बैठक कर बस स्टैंड या शिक्षण संस्थानों के सामने उतर जाते हैं। अगर यह बस शहर के अंदर से आनी बंद हो जाती हैं तो विद्यार्थियों को नए बस स्टैंड व शिक्षण संस्थान तक आने-जाने में 40 रुपये अतिरिक्त किराया लगाना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग पांच हजार विद्यार्थी शहर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने आते हैं।
विद्यार्थियों और आटो चालकों के हित को देखते हुए प्रशासन से बातचीत कर फैसला लिया जाएगा। इसके लिए आटो यूनियन के सदस्यों से बातचीत की जाएगी। ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास रहेगा, जिसमें विद्यार्थियों को भी आसानी रहे और आटो चालकों का काम भी प्रभावित नहीं हो।
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-अशोक कौशिक, रोडवेज डिपो, जीएम ।
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