29जेएनडी05: बैठक को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता। स्रोत संगठन
जींद। समायोजित कर्मचारी संघर्ष समिति हरियाणा की बैठक शनिवार को अग्रवाल धर्मशाला में रामनिवास यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश के सात निगमों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चौटाला सरकार ने इन निगमों के कर्मियों की छंटनी कर बंद कर दिए थे। इनकी संख्या 12 हजार है। चार आंदोलन के बाद इन कर्मचारियों को हुड्डा सरकार ने नई नियुक्ति देकर विभिन्न विभागों में समायोजित किया था।
20 से 30 साल तक इन कर्मचारियों ने जो पुराने विभागों में सेवा की उस समय काल को नवनियुक्ति के साथ नहीं जोड़ा गया। 2006 में जब इनको नियुक्त किया गया है, तब पुरानी पेंशन खत्म हो चुकी थी। इसके कारण सेवानिवृत्त होने पर इन कर्मचारियों को लाभ नहीं मिला। भाजपा सरकार ने मानवीय आधार पर इन कर्मचारियों को छह व 11 हजार का स्लैब बनाकर मानदेय दिया है। जिस पर महंगाई भत्ता, मेडिकल सुविधा आदि कुछ और लाभ नहीं मिलता है। बैठक में मांग की गई कि छंटनी किए गए कर्मियों को मानदेय व रेगुलर सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए। सभी निगम बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पांचवां वेतनमान लागू किया जाए। मानदेय पर महंगाई भत्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की तर्ज पर दिया जाए। इन मांगों को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया, जो मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारियों से मिलेगी। बैठक में जयनारायण कौशिक, फकीर चंद, कालूराम रतिया, दिनेश शर्मा नरवाना, ओमप्रकाश यादव, एमएल नारंगा, दर्शन सिंह मौजूद रहे।
29जेएनडी05: बैठक को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता। स्रोत संगठन