जींद। कई वर्षों से खाली पड़े रोडवेज बेड़े में अब बसों की संख्या बढ़ने लगी है लेकिन चालक-परिचालक की कमी की वजह से इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। नई बसों के आने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी पर अब वह टूटने लगी है, क्योंकि बसें तो आ गई हैं लेकिन चालक-परिचालक की कमी हो गई है। डिपो ने सरकार से 30 परिचालकों की मांग की थी, मगर तीन को ही भर्ती किया गया है। इतने कम परिचालकों से रोडवेज बसों का परिचालन कैसे होगा। अब डिपो में हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत भर्ती हुए परिचालकों की संख्या 13 हो गई है।
हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत रोडवेज डिपो में 30 परिचालकों को अनुबंध के आधार पर भर्ती करने की योजना थी, ताकि सभी रोडवेज बसों को रूट पर उतारा जाए। इससे लंबे तथा स्थानीय रूट पर बसों की संख्या भी बढ़ाई जाए लेकिन परिचालकों की कमी पूरी नहीं होने से डिपो प्रबंधन के साथ यात्रियों की उम्मीदें भी टूट गई हैं।
डिपो में 170 बसें
रोडवेज जींद डिपो में 170 बसें हो गई हैं। इनमें 37 किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली हैं। डिपो में 135 परिचालक और चालक 117 हैं। कुछ चालक-परिचालक अपनी मूल ड्यूटी छोड़कर इधर-उधर बैठे हुए हैं, लेकिन डिपो प्रबंधन उनको मूल ड्यूटी पर कब वापस लाएंगे यह पता नहीं है। फिलहाल अपनी मूल ड्यूटी छोड़कर अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी बुकिंग, ड्यूटी सेक्शन, यार्ड में बैठे हुए हैं। इन सभी कर्मचारियों को भी उठाया जाएगा।
असंध, गोहाना, कैथल रूट पर बसों के फेरे बढ़ाने की योजना
नई बसों के आने से रोडवेज प्रबंधन की असंध, गोहाना, हिसार, रोहतक, कैथल जैसे रूट पर बसों के फेरे बढ़ाने की योजना है। कैथल रूट पर जींद डिपो की बसें बहुत कम हैं। शाम 7 बजे के बाद कैथल रूट पर बस ही नहीं है। ऐसे में जींद डिपो की बसों को इस रूट पर चलाकर यात्रियों को राहत दी जाएगी। डिपो में अब तक 115 नई बसें आ चुकी हैं। यदि रूट पर बसों को बढ़ाया गया तो स्वाभाविक है कि यात्रियों को फायदा होगा।
विभाग को चाहिए कि रोडवेज में कौशल रोजगार की जगह कर्मचारियों की स्थायी बर्ती करे। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ युवाओं को रोजगार मिलेगा। यूनियन अस्थायी प्रणाली का विरोध करती है। -संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
रोडवेज डिपो में तीन परिचालक हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत भर्ती हुए हैं। डिपो ने 30 परिचालकों की मांग की हुई है। डिपो के पास बसें काफी हैं। कर्मचारियों की कमी है। सरकार से परिचालकों को भर्ती करने की डिमांड भेजी हुई है। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
07जेएनडी01-बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद