संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। क्षेत्र में शनिवार की रात हुई बरसात से किसानों की पकी गेहूं और सरसों की फसल गिरकर खराब हो गई। इससे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है। अब किसान सरकार से फसल की गिरदावरी कराकर मुआवजा दिलाने की आस लगाई है ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके।
मौसम ने शनिवार को अचानक करवट ली और आंधी के साथ तेज बारिश हुई। इससे खेतों में पककर तैयार गेहूं और सरसों की फसल गिर गई जिससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों को उम्मीद थी कि अबकी फसल अच्छी होगी तो वह अपने परिवार का गुजारा अच्छे से कर सकेंगे लेकिन बरसात ने ही उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। क्योंकि गेहूं की की फसल पककर तैयार खड़ी थी जो अब बर्बाद हो गई है। वहीं बरसात से जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं बाजार में जलनिकासी व्यवस्था की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बाक्स
किसानों की फसल खराब हो गई है, लेकिन सरकार ने अभी तक गिरदावरी करवाना भी उचित नहीं समझा है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर रही है। सरकार के रवैये के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन सोमवार को तहसील में गिरदावरी के लिए ज्ञापन देगी। किसानों को जब तक उनका हक नहीं मिलता भाकियू आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।-नरेंद्र ढांडा, जिला उप प्रधान भाकियू।
बाक्स
जिन किसानों की फसल खराब हुई है वह क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। किसानों की शिकायत के बाद कर्मचारी गिरदावरी करके रिपोर्ट को विभाग को भेज देंगे।-डॉ. सुरजमल खंड कृषि अधिकारी जुलाना।