23जेएनडी34: शहर के पटियाला चौक पर आसमान में छाया स्मोग। संवाद
जींद। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे धान की पराली जलाने के मामलों से जिले का एक्यूआई 339 पहुंच गया है। इससे हवा जहरीली हो गई है और लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी है। हालांकि पराली जलाने वाले किसानों पर रोजाना कार्रवाई हो रही है लेकिन इसके बावजूद भी पराली जलाने के मामले रुक नहीं रहे हैं।
जिले में धान की पराली जलाने का आंकड़ा 50 पर पहुंच गया है। बुधवार को नरवाना क्षेत्र के गांव ढाबी टेकसिंह में एक मामला आया। इससे पहले 18 अक्तूबर तक जिले में पराली जलाने के 49 मामले आ चुके थे। उसके बाद बुधवार को ही एक मामला आया है। अब तक 30 किसानों पर मामले दर्ज किए जा चुके हैं। लगभग 97 हजार रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले जा चुके हैं। धान के अवशेष एक अक्तूबर से अब तक जिले में 55 एकड़ में धान के अवशेष जलाए जा चुके हैं। कृषि विभाग की टीम को धान के अवशेष में आग लगाने की सूचना मिली थीए जिस पर 39 जगह आग लगी हुई मिली जबकि सात जगह आग की सूचना सही नहीं मिली थी। पिछले 23 दिनों की बात करें तो एक अक्तूबर को एकए तीन अक्तूबर को दोए चार अक्तूबर को एकए छह अक्तूबर को एकए सात अक्तूबर को दोए आठ अक्तूबर को दोए नौ अक्तूबर को दोए दस अक्तूबर को पांचए 11 अक्तूबर को सातए 12 अक्तूबर को दसए 13 अक्तूबर को आठए 14 अक्तूबर को दोए 16 अक्तूबर को दो और 18 अक्तूबर को तीन जगह और 23 अक्तूबर को एक जगह धान के अवशेष जलाए जा चुके हैं।
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मुख्य सचिव ने दिए थे एफ आईआर दर्ज करने के आदेश
20 अक्तूबर को सरकार के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक ली थी। उन्होंने सभी जिला उपायुक्त ों को सख्ती से धान के अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्ती से कानून लागू करें। अब तक जितनी भी जगह धान के अवशेष जलाए जा चुके हैंए उन मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करवाएं। चाहे किसी भी किसान ने जुर्माना भरा है या नहीं। धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर सख्ती बरतें और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ एफ आईआर दर्ज करवाएं।
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बुधवार को नरवाना क्षेत्र के गांव ढाबी टेकसिंह में एक मामला आया है। अब तक 30 किसानों पर मामले दर्ज किए जा चुके हैं। लगभग 97 हजार रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले जा चुके हैं।
डॉ गिरीश नागपाल, उप निदेशक, कृषि विभाग जींद