जींद। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन राज्य कमेटी के आह्वान पर लघु सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर एक अगस्त को डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगी। यूनियन की जिला प्रधान राजबाला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018 के आंदोलन के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों को श्रमिक का दर्जा देने, छह माह में महंगाई भत्ता देने, एईएमआई फंड, बीमा योजना का लाभ देने का वायदा किया था, लेकिन अभी तक उनको कोई भी लाभ नहीं दिया गया। जिसके चलते आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर में रोष बढ़ रहा है। जिसके चलते सरकार द्वारा किया गया समझौता केवल इन कर्मियों को गुमराह करने का था। इसके कारण परियोजनाओं में काम कर रही आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्परों को आंगनबाड़ी सेंटर चलाने में कठिनाई हो रही है। यहां तक कि केंद्रों या किराया, राशन पकाने के लिए ईंधन व फोन भी खुद ही रिचार्ज करवाना पड़ रहा है। राजबाला ने बताया कि अपनी इन सभी मांगों को मनवाने के लिए ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया जाएगा। अगर जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी। संवाद