संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम अधिकारी सीमा प्रसाद को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन से जिला प्रधान राजबाला की अध्यक्षता में लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया।
धरना सभा में राजबाला ने कहा कि काफी समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों किराया और मानदेय समय पर नहीं मिलता है। यह हर महीने की सात तारीख को देना सुनिश्चित किया जाए और अधिकारियों द्वारा बार-बार ऑफिस में बुलाए जाने पर पूरा किराया दिया जाए। 10 मार्च 2018 को यूनियन के साथ किए समझौते में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को श्रमिक का दर्जा देने का वादा किया था। केंद्र सरकार द्वारा 2018 में 1500 रुपये कार्यकर्ता तथा 750 रुपये सहायिका के लिए बढ़ोतरी की बात कही गई थी जिसे लागू किया जाए। सुपरवाइजर के सभी पद वर्कर्स की सीधी भर्ती की जाए।
सहायिकाओं के प्रमोशन को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए और आयु सीमा खत्म की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में रजिस्टर खत्म होने पर रजिस्टर देने का प्रबंध किया जाए। धरने में जो मांग पत्र कार्यक्रम अधिकारी को दिया गया उसमें मुख्य मांगें अर्बन केंद्र जींद की है। यहां ना तो डेढ़ साल से सेंटरों का किराया दिया गया और न ही ईंधन का पैसा दिया जा रहा है। अक्टूबर-नवंबर 2021 का मानदेय बकाया है। जनवरी 2023 से अब तक तीन हजार रुपये सेंटर के बकाया हैं। अर्बन जींद का मानदेय अप्रैल 2023 से बकाया है। तीन साल से ड्रेस का कोई पैसा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नहीं दिया गया है। यूनियन नेताओं ने समस्याओं का समाधान तुरंत करने की मांग की। धरने में दयावंती, सविता, उर्मिला, राजबाला, मुकेश, अनीता, सुनीता, लक्ष्मी, शांति, अंजू, बबीता, शीला, संगीता शामिल हुईं।