जींद। मानसून की बारिश खेत खलिहानों से लेकर रिहायशी इलाकों तक आफत बन गई है। खेत तालाबों में तब्दील हो गए हैं, सड़कें तथा गलियां बरसाती नाले बने हुए हैं। तालाबों का ओवरफ्लो पानी घरों में घुस रहा है। रविवार को हुई बारिश ने परेशानी और बढ़ा दी। पार्क पानी से लबालब भरे नजर आए। काफी स्थानों पर जलभराव के कारण मकानों में पानी घुस गया। जिले में रविवार को औसतन तौर पर 40.14 एमएम बारिश दर्ज की गई।
रविवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि मौसम में आद्रता 83 प्रतिशत व हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान औसत से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है।
कहां-कितनी बारिश हुई
स्थाना मात्रा (एमएम में)
जींद 59
नरवाना 47
सफीदों 15
जुलाना 19
उचाना 57
पिल्लूखेड़ा 47
अलेवा 37
नहीं हुई पानी की निकासी, उफान पर दिखाई दीं सड़कें
जुलाई माह में औसतन 185.3 एमएम बारिश होती है, अब तक 290.3 एमएम बारिश हो चुकी है। पिछले एक सप्ताह से हररोज बारिश तथा बूंदाबांदी हो रही है। शनिवार को हुई बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई थी, रविवार को हुई बारिश से सड़कें तथा गलियां आवागमन की बजाए बरसाती पानी से उफान पर दिखाई दी। सीवरेज सिस्टम पूरी तरह ठप दिखाई दिया। सीवरेज का ओवरफ्लो पानी मेनहॉल से फव्वारों की तरह निकलता दिखाई दिया। इसका सीधा असर जनजीवन तथा आवागमन पर स्पष्ट तौर पर देखने को मिला।
बारिश से गिरी मकान की छत, भैंस और कटड़ी घायल
मूसलाधार बारिश के चलते गांव घोघडिय़ा में दर्शन के मकान की छत गिर गई। इसमें भैंस और कटड़ी को मामूली चोटें आई। दर्शन के बेटे नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उसने अपने पुराने मकान में भैंसों को बांधा हुआ था तो पशुचारा भी डाला हुआ था। देर शाम को वह भैंसों को चारा डालने के लिए आया हुआ था तो बारिश के कारण छत एकदम से गिरने लगी, इस पर उसने पशुओं को खोलकर जल्दी से बाहर ले जाने की कोशिश की लेकिन तभी छत गिर गई, इससे भैंस और कटड़ी को मामूली चोट आई तो उसे भी हल्की चोट लगी है।
बाहरी बस्तियों के साथ साथ पॉश इलाके भी हुए जलमग्न
रविवार को बारिश के चलते बरसाती पानी निकासी के सिस्टम ठप होने के चलते बाहरी बस्तियों के साथ-साथ शहर के पॉश इलाके भी जलमग्न हो गए। शहर का कोई ऐसा इलाका ऐसा नहीं बचा, जहां पर बरसाती पानी न खड़ा हो। कई स्थानों पर शहर में बरसाती पानी मकानों में घुस गया। इसको निकालने के लिए लोगों को जहदोजहद करते देखा गया। नरवाना रोड, पटियाला चौक से लेकर गोहाना रोड रोहतक बाईपास, रोहतक रोड, भिवानी रोड, सफीदों रोड, रेलवे रोड पर आवागमन भी बरसाती पानी के कारण प्रभावित रहा। बारिश के कारण रोहतक रोड भी कई स्थानों पर धंस गया। यही हालात स्कीम नम्बर पांच, छह, हाउसिंग बोर्ड, अर्बन एस्टेट, डिफेंस कॉलोनी तथा सेक्टरों में देखने को मिला।
फसलों पर मंडराया खतरा, ग्रामीण अंचल के रिहायशी इलाके भी नहीं सुरक्षित
लगातार बारिश होने के कारण बिजी गई फसलों पर भी खतरा मंडराने लगा है। कपास की फसल चौपट हो चुकी है। 60 से ज्यादा जिले के ऐसे गांव हैं, जहां पर धान फसल की पानी से जलमग्न है। यही हालात गांव के तालाबों के साथ बने हुए हैं। बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो रहे हैं और उनका पानी गलियों से होता हुआ घरों में घुसने लगा है।
और बारिश की संभावना
पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मानसून की सक्रियता के चलते अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह फसलों में बरसाती पानी को जमा नहीं होने दें। मौसम पर लगातार नजर बनाए रखें।