जींद। नगर परिषद कार्यालय में चेयरपर्सन की अध्यक्षता में चल रही बैठक में पार्षदों और कार्यकारी अधिकारी के बीच हंगामा हो गया, जिससे नाराज होकर करीब 10 पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गए।
पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में उनकी सुनवाई न होने और कर्मचारियों द्वारा लोगों से पैसे लेकर प्रॉपर्टी आईडी जारी करने के आरोप लगाए। शुक्रवार दोपहर बाद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने शहर की समस्याओं के समाधान व विकास कार्यों को लेकर चर्चा के लिए पार्षदों व अधिकारियों की अपने कार्यालय में बैठक बुलाई थी। बैठक में करीब 20 पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं स्टाफ से कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार, जेई, टैक्स ब्रांच स्टाफ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वार्ड सात के पार्षद सुनील उर्फ विक्की ने बैठक में आरोप लगाया कि पार्षद प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए आते हैं तो उनकी फाइल को रिजेक्ट कर दिया जाता है।
पिछले दिनों वार्ड दो के पार्षद प्रतिनिधि एक प्रॉपर्टी आईडी बनवाने आए थे। इसे डी ग्रुप के एक कर्मचारी ने, जो प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित काम देखता है, ने अनअप्रूव्ड एरिया में बताते हुए जारी करने से इनकार कर दिया। कुछ दिन बाद उसी प्रॉपर्टी की आईडी किसी ओर के माध्यम से पैसे लेकर जारी कर दी गई। इस बात पर पार्षद सुनील उर्फ विक्की की कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार के साथ कहासुनी हो गई। सुनील व अन्य कुछ पार्षदों ने कार्यकारी अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाते हुए बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गए।
वहीं वार्ड 31 से पार्षद संजय गोयल ने भी प्रॉपर्टी आईडी में भ्रष्टाचार होने और कार्यालय में कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए। इस मामले में पार्षदों का कहना है कि बैठक में उनका अपमान हुआ है, इसके लिए अधिकारियों को माफी मांगनी चाहिए और जिसने गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाई है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वालों को तीन जोन में बांटा जाएगा
बैठक में बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी को लेकर भी चर्चा हुई। चेयरपर्सन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक से पांच लाख तक, पांच से 10 लाख तक और 10 लाख से ज्यादा का बकाया टैक्स वाले प्रॉपर्टी मालिकों की अलग-अलग सूची बनाकर उन्हें नोटिस भेजे जाएं। जींद शहर में करीब 45 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया हैं। सरकारी विभाग व लाखों रुपये बकाया वाले 100 प्रॉपर्टी धारकों की लिस्ट तैयार कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
परिवार की बात है, नहीं है कोई विवाद : चेयरपर्सन
चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने कहा कि बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ है। पार्षद हमारे परिवार के सदस्य हैं, उन्होंने अपनी जो भी बात रखी है, उस पर संज्ञान लिया जाएगा। अगर कुछ गलत होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पार्षदों को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी के लिए नोटिस भिजवाए जाएंगे। वहीं हाउस की बैठक की कार्रवाई की फाइल जिला नगर आयुक्त के पास भेजी हुई है, वहां से मंजूरी के बाद बैठक में पारित हुए विकास कार्यों के एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजे जाएंगे।
प्रॉपर्टी आईडी में किसी तरह की गड़बड़ी का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। उन्होंने किसी पार्षद के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया है।
- सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद