नरवाना। पतराम नगर में स्थित मां दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर में यदि कोई श्रद्धालु लगातार 41 दिन तक ज्योत जलाता है तो उसकी मनोकामना पूरी होती है। यहां लगी माता दुर्गा की प्रतिमा की परिक्रमा भी फलदायी मानी जाती है। खासकर महिलाएं एवं लड़कियां माता की परिक्रमा करती रहती हैं।
इस मंदिर का निर्माण लोगों के सहयोग से किया गया है। इसके अलावा किसी विशेष व्यक्ति से कोई ज्यादा चंदा नहीं लिया गया। यहां माता के जागरण होते हैं। इनमें जो चंदा आता है, वह मंदिर पर ही खर्च किया जाता है। मंदिर की नींव 1971 में रखी गई थी। 16 मार्च, 1999 को ज्वालाजी से नंगे पांव अखंड ज्योत लाई गई थी, जो आज भी लगातार जल रही है। इस मंदिर में मां संतोषी, लक्ष्मी, सरस्वती, गायत्री, दुर्गावती, काली, तारा देवी के आदि रूप हैं। मां दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर में सुबह और शाम महिला श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। नवरात्र के दिनों में तो मंदिर को विशेष तौर पर सजाया जाता है। कमेटी ने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा है।
मंदिर में लगातार 41 दिन ज्योत जलाने पर मनोकामना पूरी होने के कारण ही इसमें श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है। नवरात्र के दिनों में मंदिर में मेला लगता है और जागरण करवाया जाता है। इसके अलावा मंदिर में बैठकर लोग शांति पाठ भी करते हैं। इससे श्रद्धालुओं का मन शांत होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि जब किसी व्यक्ति का मन अशांत होता है तो वह यहां आकर बैठ जाता है। जल्द ही उसका मन शांत हो जाता है।
मां दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर में श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होने पर ही लोगों की आस्था बनी हुई है। यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। नवरात्र में मां की महिमा का भजन मंडली की ओर से गुणगान किया जाता है। -गीता राम, पुजारी।
07जेएनडी19 : मां दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमा। संवाद
07जेएनडी19 : मां दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमा। संवाद